अदाणी-हिंडनबर्ग विवाद (Adani-Hindenburg Row) को लेकर ब्रिटिश अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस (George Soros) के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से जवाब मांगे जाने पर सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) आग बबूला हो गई है। इसी कड़ी में केंद्रीय मंत्री और BJP नेता स्मृति ईरानी (Smriti Irani) ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोरोस पर जमकर निशाना साधा है। स्मृति ईरानी ने इसे 'भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने का मंसूबा' करार देते हुआ कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत पूरी ताकत से इसका मुकाबला करेगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सोरोस के बयान पर BJP नेता स्मृति ईरानी ने कहा, "भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ा जा रहा है। इसके और देश के हित के बीच प्रधानमंत्री मोदी खड़े हैं।" उन्होंने आगे कहा, "अरबपति निवेशक जॉर्ज सोरोस ने न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला किया, बल्कि भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था को भी निशाना बनाया।"
उन्होंने यह भी कहा कि पीएम मोदी आलोचना को बुरा नहीं मानते, लेकिन इसकी आड़ में कोई भारत पर हमला नहीं कर सकता।
ईरानी ने कहा, "जिस व्यक्ति ने इंग्लैंड की बैंक को तोड़ा और देश ने उसे एक आर्थिक युद्ध अपराधी करार दिया, उसने अब भारतीय लोकतंत्र को तोड़ने की इच्छा जताई है।" उन्होंने कहा कि सोरोस ने भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में हस्तक्षेप करने के अपने गलत इरादे दिखाए हैं।
अदाणी विवाद पर सोरोस के बयान का समर्थन करने वालों के लिए, उन्होंने कहा, “सोरोस ने पीएम मोदी जैसे नेताओं को लक्षित करने के लिए एक अरब डॉलर से अधिक की फंडिंग की घोषणा की है और एक उद्यमी के साम्राज्यवादी इरादे ऐसे समय में सामने आए हैं जब भारत दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में 5वें स्थान पर पहुंच गया है।"
स्मृति ईरानी ने ये भी कहा कि अमेरिका, फ्रांस के राष्ट्रपतियों और इंग्लैंड के पीएम ने इन देशों में रोजगार को सक्षम करने के लिए सार्वजनिक रूप से पीएम मोदी का आभार जताया है। उन्होंने आगे कहा, "वह भारतीय लोकतंत्र को ध्वस्त करने के लिए ऐसी घोषणाएं करते हैं, ताकि उनके चुने हुए लोग देश में सरकार चला सकें।"
जॉर्ज सोरोस ने आखिर क्या कहा?
गुरुवार को, सोरोस ने कहा था कि गौतम अदाणी के व्यापारिक साम्राज्य में उथल-पुथल मची हुई है, जिसने निवेश के मौके के तौर पर देखे जाने वाले भारत में अब विश्वास को कम कर दिया है। इससे देश में एक लोकतांत्रिक पुनरुत्थान की शुरआत हो सकती है।
म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में बोलते हुए, सोरोस ने कहा, “मोदी और बिजनेस टाइकून अदाणी करीबी सहयोगी हैं। उनका भाग्य एक दूसरे से जुड़ा हुआ है।"
उन्होंने आगे कहा, “अदाणी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार में पैसा कमाने की कोशिश की, लेकिन वो असफल रहा। अदाणी पर स्टॉक मैनिपुलेशन का आरोप है और उनका स्टॉक ताश के पत्तों की तरह ढह गया। मोदी इस मुद्दे पर चुप हैं, लेकिन उन्हें विदेशी निवेशकों और संसद में सवालों का जवाब देना होगा।"
US बेस्ड शॉर्ट-सेलर हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से अदाणी ग्रुप को मार्केट वैल्यू में लगभग 120 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
हिंडनबर्ग रिसर्च ने 24 जनवरी को अदाणी ग्रुप पर अकाउंटिंग धोखाधड़ी और स्टॉक हेरफेर का आरोप लगाया। हालांकि, ग्रुप ने इन आरोपों को "दुर्भावनापूर्ण", "आधारहीन" और "भारत पर सुनियोजित हमला" बताकर इनका खंडन किया। अदाणी ग्रुप की लिस्टिड कंपनियों को पिछले तीन हफ्तों में मार्केट वैल्यू में 125 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हुआ है।