Ghulam Nabi Azad Resign: 'भारत जोड़ो से पहले कांग्रेस जोड़ो की जरूरत', गुलाम नबी ने राहुल पर किया तीखा हमला, 'धोखा' देने का लगाया आरोप
Ghulam Nabi Azad Resign: सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को लिखे एक तीखे पत्र में, गुलाम नबी आजाद ने पार्टी के विनाश के लिए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को दोषी ठहराया और बिना नाम लिए उन पर तीखा हमला किया
MoneyControl News
अपडेटेड Aug 26, 2022 पर 2:44 PM
गुलाम नबी आजाद ने राहुल गांधी पर किया तीखा हमला
Ghulam Nabi Azad Resign: "कांग्रेस को अनुभवहीन चाटुकारों की एक नई मंडली चला रही है और पार्टी को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से पहले ‘कांग्रेस जोड़ो यात्रा’ निकालनी चाहिए..." ये कुछ तीखी बातें हैं, जो दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद (Ghulam Nabi Azad) ने शुक्रवार को ग्रैंड ओल्ड पार्टी को छोड़ते समय की।
सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) को लिखे एक तीखे पत्र में, आजाद ने पार्टी के विनाश के लिए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को दोषी ठहराया और आरोप लगाया कि पार्टी अध्यक्ष पद के लिए केवल दिखावा किया जा रहा है, जो होगा वो केवल कठपुतली होगा।
दरअसल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संगठन के भीतर चुनाव से पहले शुक्रवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता समेत सभी पदों से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नेतृत्व पर आंतरिक चुनाव के नाम पर पार्टी के साथ बड़े पैमाने पर ‘धोखा’ करने का आरोप लगाया ।
आजाद के इस्तीफे को, पहले से ही समस्याओं का सामना कर रही कांग्रेस पार्टी पर एक और आघात माना जा रहा है। पहले भी कई बड़े नेता पार्टी छोड़ चुके हैं, जिसमें कपिल सिब्बल, अश्विनी कुमार जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं ।
गुलाम नबी आजाद ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे पांच पन्नों के त्यागपत्र में अपनी शिकायतों का सिलसिलेवार ढंग से जिक्र किया। आजाद ने कहा कि वह ‘भारी मन’ से यह कदम उठा रहे हैं।
'पार्टी पूरी तरह से बर्बाद हो गई'
उन्होंने पार्टी को ‘पूरी तरह से बर्बाद हो गई’ बताया और कहा कि कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के लिए और प्रदेश स्तर पर क्षेत्रीय दलों के लिए जगह खाली कर दी है।
आजाद ने आरोप लगाया, "यह सब इसलिए हुआ, क्योंकि बीते आठ सालों में नेतृत्व ने एक ऐसे व्यक्ति को पार्टी पर थोपने की कोशिश की गई, जो गंभीर नहीं था।"
उन्होंने आरोप लगाया कि दरबारियों के संरक्षण में कांग्रेस को चलाया जा रहा है। पार्टी देश के वास्ते सही चीजों के लिए संघर्ष करने की अपनी इच्छाशक्ति और क्षमता खो चुकी है।
पार्टी में बदलाव की मांग करने वाले G23 ग्रुप का हिस्सा रहे आजाद ने कहा, "इसलिये खेद के साथ और बेहद भारी मन से मैंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के साथ अपने करीब 50 सालों के संबंध को खत्म करने का फैसला किया है। मैं भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता सहित सभी पदों से त्यागपत्र देता हूं ।"
उन्होंने पार्टी में संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया को ‘धोखा’ करार देते हुए कहा कि देश में कहीं भी, पार्टी में किसी भी स्तर पर चुनाव संपन्न नहीं हुए।
धोखे के लिए पार्टी नेतृत्व पूरी तरह से जिम्मेदार
आजाद ने सोनिया को लिखे पत्र में कहा कि 24 अकबर रोड में बैठे AICC के चुने हुए पदाधिकारियों को AICC का संचालन करने वाले छोटे समूह की तरफ से तैयार की गई लिस्ट पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया।
उन्होंने कहा कि बूथ, ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर कहीं भी मतदाता सूची प्रकाशित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पार्टी के साथ बड़े पैमाने पर धोखे के लिए नेतृत्व पूरी तरह से जिम्मेदार है।
आजाद ने कहा कि क्या भारत की आजादी के 75वें साल में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लिए यह उपयुक्त है। यह सवाल AICC नेतृत्व को खुद से पूछना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि पार्टी को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से पहले ‘कांग्रेस जोड़ो यात्रा’ निकालनी चाहिए थी। आजाद ने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस में स्थिति इस स्तर पर पहुंच गई है कि वापसी का रास्ता नहीं दिख रहा ।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी की कमजोरियों पर ध्यान दिलाने के लिए पत्र लिखने वाले 23 नेताओं को अपशब्द कहे गए। उन्हें अपमानित किया गया। नीचा दिखाया गया।
आजाद पार्टी के ‘G23’ समूह के प्रमुख सदस्य रहे हैं। हाल ही में उन्होंने जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की चुनाव अभियान समिति के प्रमुख पद से इस्तीफा दे दिया था।