उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने रोडवेज में कंडक्टर के पदों पर बंपर भर्तियां निकाली है। वहीं आंगबाड़ी में एजुकेटर के पद भरे जाएंगे। योगी सरकार ने अपने बेड़े में बसों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। इसके लिए कंडक्टर भरे जाएंगे। इसके साथ ही 75 जिलों में को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र से युक्त 10684 विद्यालयों में एक-एक ईसीसीई (बाल्यावस्था की देखभाल और शिक्षा) एजुकेटर की भर्ती की जाएगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उप्र राज्य सड़क परिवहन निगम में करीब 7000 बसों का बेड़ा बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। इनमें 2000 के करीब डीजल, सीएनजी बसें होंगी। इसके अलावा 5000 इलेक्ट्रिक बसें कॉन्ट्रैक्ट पर चलाई जाएंगी। इन बसों पर कंडक्टर्स की तैनाती के लिए संविदा पर 10,000 बस कंडक्टरों की भर्तियां की जाएंगी।
हर महीने मिलेगी 10313 रुपये सैलरी
दरअसल, हाल ही में परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्रप्रभार) दयाशंकर सिंह की अध्यक्षता में एक बैठक हुई थी। इसमें कॉन्ट्रैक्ट पर कंडक्टरों की सीधी भर्ती का ऐलान किया गया था। इस मामले में परिवहन निगम मुख्यालय से प्रधान प्रबंधक कार्मिक की ओर से प्रस्ताव बनाकर शासन को मंजूरी को भेजा गया है। वहीं प्रदेश के को-लोकेटेड आंगनबाड़ी केंद्र से युक्त 10684 विद्यालयों में ईसीसीई एजुकेटर की भर्ती 11 महीने के लिए आउटसोर्सिंग से होगी। इन्हें हर महीना 10313 रुपये दिए जाएंगे। ईसीसीई एजुकेटरों की भर्ती के मामले में डीजी स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने सभी बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) पत्र लिखा है। इनका मुख्य काम 3 साल से 6 साल तक के बच्चों को औपचारिक शिक्षा मुहैया कराना है।
कंडक्टर्स को सैलरी के अलावा मिलेगा प्रोत्साहन भत्ता
नियम शर्तो के मुताबिक, प्रति किलोमीटर बस चलाने पर सैलरी के अलावा प्रोत्साहन भत्ता भी दिया जाएगा। इसके लिए तय किमी से अधिक बस चलाने और ड्यूटी के दिनों के आधार पर प्रोत्साहन भत्ता मिलेगा। परिवहन निगम पीआरओ अजीत सिंह के मुताबिक परिवहन मंत्री के निर्देश पर संविदा परिचालकों (कॉन्ट्रैक्ट पर कंडक्टर्स) की सीधी भर्ती का प्रस्ताव तैयार किया गया है।