इन दिनों देश की आर्थिक राजधानी मुंबई (Mumbai) में हनुमान चालीसा को लेकर विवाद (Hanuman Chalisa Row) अपने चरम पर है। इस विवाद के केंद्र में हैं महाराष्ट्र (Maharashtra) के विधायक रवि राणा (Ravi Rana) और उनकी पत्नी सांसद नवनीत कौर राणा (Navneet Kaur Rana)। दंपति ने इसी हफ्ते यह घोषणा की कि वे 'मातोश्री' के बाहर 'हनुमान चालीसा' का पाठ करेंगे। साथ उन्होंने यह भी आरोप लगाए कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) 'हिंदुत्व को भूल गए' हैं। इस ऐलान के बाद से ही दोनों नेता काफी चर्चाओं में हैं।
शुक्रवार शाम और शनिवार की सुबह 'मातोश्री' के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी, जिसमें सत्तारूढ़ शिवसेना के कार्यकर्ता और नेता, पुलिस के साथ 'पहरा' देने के लिए खड़े थे।
शिवसेना कार्यकर्ताओं ने राणा और कौर के घर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन किया था। दंपति ने आरोप लगाया कि उद्धव ठाकरे ने उन्हें 'हमारे आवास पर हमला' करने का निर्देश दिया था और मुख्यमंत्री 'केवल लोगों को जेल में डालना जानते हैं।'
कौन हैं रवि राणा और नवनीत कौर राणा?
रवि राणा एक निर्दलीय उम्मीदवार हैं और अमरावती जिले के बडनेरा निर्वाचन क्षेत्र से तीन बार विधायक हैं। उन्होंने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार को अपना समर्थन दिया था, जो 2014 और 2019 के बीच सत्ता में थी। उन्होंने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के साथ गठबंधन में शिवसेना के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार पर राज्य में 'सांप्रदायिक विद्वेष भड़काने' का आरोप लगाया है।
राणा की शादी अमरावती से निर्दलीय लोकसभा सांसद नवनीत कौर से हुई है। वह एक पूर्व मॉडल और अभिनेत्री भी हैं, जो छह म्यूजिक वीडियो और कई कन्नड़, पंजाबी और तेलुगु फिल्मों में दिखाई दी हैं।
36 साल के पति-पत्नी की जोड़ी को पिछले एक दशक में महाराष्ट्र की राजनीति में बेहद प्रभावशाली जोड़ों में से एक के रूप में देखा जाता है। वे योग गुरु बाबा रामदेव के भी बड़े फॉलोअर्स हैं।
राणा के BJP के साथ पिछले गठबंधन और कौर के शिवसेना के साथ तनाव को देखते हुए, वे 2019 के चुनाव के बाद निर्दलीय और छोटे समूहों का समर्थन हासिल करने में सफल रहे। महाराष्ट्र में खंडित जनादेश देखने को मिला, लेकिन वे सफल नहीं हुए।
क्या है 'हनुमान चालीसा' विवाद?
यह सब तब शुरू हुआ जब शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि 'हनुमान चालीसा' और रामनवमी का त्योहार आस्था का विषय है न कि 'स्टंट' के लिए।
राणा ने शुक्रवार को मीडिया से कहा कि 'महाराष्ट्र को संकट से मुक्त करने और राज्य के लिए शांति प्राप्त करने के लिए' उन्होंने उद्धव ठाकरे से हनुमान जयंती पर 'हनुमान चालीसा' पढ़ने की मांग की थी, लेकिन दावा किया कि मुख्यमंत्री ने 'इनकार' कर दिया था।
उनकी यह मांग ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे के नवाज को लेकर दिए 'अल्टीमेटम' के बाद आई। ठाकरे ने राज्य को 3 मई तक मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटाने की चेतावनी दी थी और कहा कि वर्ना उनकी पार्टी मस्जिदों के बाहर लाउडस्पीकर पर 'हनुमान चालीसा' बजाएगी। बीजेपी ने राज ठाकरे की मांग का समर्थन भी किया था।
राणा ने शुक्रवार को कहा, "हम कल नौ बजे 'हनुमान चालीसा' पढ़ने के लिए वहां ('मातोश्री') जाएंगे। हम पुलिस के साथ सहयोग करेंगे। मैंने अपने कार्यकर्ताओं से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि मुंबई में कानून-व्यवस्था भंग न हो। पुलिस और लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए।"
'अब नहीं होगा हनुमान चालीसा का पाठ'
इस पर राउत ने दोनों को 'नौटंकी में किरदार' करार दिया था। उन्होंने कहा, "राणा जैसे लोग BJP के नौटंकी (नाटक) और स्टंट के पात्र हैं। लोग इस स्टंट को गंभीरता से नहीं लेते हैं।"
इस बीच, मुंबई पुलिस ने राणा दंपत्ति को सीआरपीसी की धारा 149 के तहत नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था की स्थिति को खराब नहीं करने को कहा था।
हालांकि, अब सांसद नवनीत राणा और उनके पति विधायक रवि राणा ने 'मातोश्री' के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पीएम मोदी कल मुंबई का दौरा कर रहे हैं और वे नहीं चाहते कि कानून-व्यवस्था की कोई स्थिति पैदा हो। वहीं शिवसेना कार्यकर्ताओं ने 'मातोश्री' के बाहर मिठाई बांटकर जश्न मनाया।