Political Parties: भारत को चुनावों का देश कहा जाता है। यहां समय-समय पर चुनाव होते रहते हैं। कभी विधान सभा, कभी पंचायती चुनाव तो कभी अन्य चुनाव। इस चुनावी मौसम में हर जगह नेताओं, राजनीतिक दलों के पोस्टरों की भरमार बनी रहती हैं। मौजूदा समय में देश भर में लोकसभा चुनाव के प्रचार तेजी से हो रहा है। राजनीतिक दल बड़ी-बड़ी रैलियां करने में व्यस्त हैं। ऐसे में आपको भी यह जानना बेहद जरूरी कि आखिर कितने लोग मिलकर राजनीतिक पार्टी बना सकते हैं? इसको लेकर चुनाव आयोग के क्या नियम है? वहीं राजनीतिक पार्टियां अपने पार्टी का नाम कैसे रखती हैं? आज हम आपको इन सभी सवालों के विस्ताप से जवाब दे रहे हैं।
दरअसल, भारत में तीन तरह की राजनैतिक पार्टियां होती हैं। राष्ट्रीय पार्टी, राज्य स्तरीय पार्टी और गैर मान्यता प्राप्त (लेकिन चुनाव आयोग के पास रजिस्टर्ड) पार्टी। मौजूदा समय में देश में कुल 7 राष्ट्रीय, 58 राज्य स्तरीय और 1786 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियाँ हैं। चुनाव में मिलने वाली वोट और सीटों की संख्या के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय या राज्य की पार्टी का दर्जा दिया जाता है। बता दें कि इन पार्टियों की संख्या में समय समय पर बदलाव होता रहता है।
कैसे बनते हैं राजनीतिक दल?
अगर आप राजनीतिक पार्टी बना रहे हैं तो सबसे पहले इसका रजिस्ट्रेशन कराना होगा। राजनीतिक पार्टी के लिए संविधान में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 में इसके बारे में जिक्र किया गया है। सबसे पहले पार्टी बनाने वाले व्यक्ति को चुनाव आयोग की वेबसाइट पर दिए गए फॉर्म को भरकर जमा करना होता है। इसके लिए 10,000 रुपये फीस भी बतौर डीडी (डिमांड ड्रॉफ्ट) के जरिए देना होता है। पार्टी संस्थापक को पार्टी का एक संविधान बनाना होता है। जिसमें पार्टी के नाम और पार्टी क्यों और किस तरह से काम करेगी इसकी जानकारी देनी होती है। पार्टी बनने से पहले अध्यक्ष आदि की जानकारी देनी होगी। संविधान की कॉपी पर उनके साइन, मुहर लगे होना भी जरूरी है। अगर पार्टी के नाम कोई बैंक अकाउंट है तो उसकी जानकारी भी देनी होगी।
कितने लोग मिलकर बना सकते हैं पार्टी
पार्टी में कम से कम 100 सदस्य होना चाहिए। इसके लिए शर्त यह है कि वो किसी अन्य पार्टी से नहीं जुड़े हों। पदाधिकारी, कार्यकारी समिति, कार्यकारी परिषद आदि की जानकारी पहले ही देनी होगी। इसके साथ ही पार्टी को एक हलफनामा भी देना होगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि पार्टी का कोई भी सदस्य अन्य किसी दूसरी पार्टी से नहीं जुड़ा हुआ है।
राजनीतिक दलों को कैसे मिलता है चुनाव चिन्ह?
चुनाव आयोग के पास 100 से ज्यादा चुनाव चिन्ह रिजर्व में रहते हैं। आमतौर पर वहीं चिन्ह जारी कर दिए जाते हैं। हालांकि कोई भी पार्टी किसी खास चुनाव चिन्ह को जारी करने की अपील कर सकती है। इसके बाद चुनाव आयोग उस पर गौर करता है। अगर वो चुनाव चिन्ह किसी पार्टी को नहीं दिया गया है तो उसे जारी किया जा सकता है। हालांकि अपील करने पर भी पशु-पक्षियों और जानवरों का सिंबल नहीं जारी होता है।