Voter ID Card: देश के नागरिकों को मतदान करने के लिए वोटर आईडी की जरूरत पड़ती है। 18 साल या उससे ज्यादा की उम्र वाले लोगों के लिए वोटर आईडी कार्ड का होना बेहद जरूरी होता है। पहचान पत्र यानी वोटर आईडी कार्ड के बिना क्षेत्र के मेंबर्स या सांसद चुनने के लिए वोट नहीं किया जा सकता है। यही कारण है कि 18 साल से अधिक उम्र होने के बाद सभी अपना वोटर आईडी कार्ड बनावाते हैं। हालांकि, क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आपके पास दो वोटर आईडी कार्ड हुआ तो क्या होगा? क्या दो वोटिंग कार्ड होने पर भी कोई नियम है?
भारत में 18 साल की उम्र पार कर चुके लोग मतदान कर सकते हैं। वोटिंग करने के लिए वोटर आईडी होना जरूरी है। वोटर आईडी पहचान और एड्रेस प्रूफ के काम भी आता है। बता दें कि लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान हो चुका है। 19 अप्रैल से पहले चरण के मतदान शुरू हो जाएंगे।
दो वोटर आईडी रखने पर क्या होता है?
वोटर आइडी कार्ड एक सरकारी दस्तावेज है। 18 साल की उम्र पार कर चुके लोगों को यह कार्ड दिया जाता है। जिससे लोग मतदान कर सकें। अगर आपके पास 2 या 2 से अधिक वोटर आइडी कार्ड हैं तो जेल जाने की नौबत आ सकती है। लिहाजा आपको काफी सतर्क रहने की जरूरत है। दरअसल एक से ज्यादा वोटर लिस्ट में मतदाता के रूप में रजिस्टर्ड होना गैरकानूनी साबित होता है। दरअसल, एक से अधिक क्षेत्रों का वोटर आईडी कार्ड रखना अपराध माना गया है। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 के तहत दो जगहों से वोटर बनने पर एक साल की कैद या जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान हैं। लिहाजा दोषी पाए जाने पर 1 साल की जेल हो सकती है।
एक वोटर आईडी कराएं कैंसिल
अगर आपके पास भी दो वोटर आईडी कार्ड हैं, तो आप एक तरीके का इस्तेमाल करके कानूनी पचड़े से बच सकते हैं। किसी कारण अगर आपके पास भी दो वोटर आईडी कार्ड हैं, तो आप इसे आप कैंसिल करा सकते हैं। इसके लिए आपको फॉर्म नंबर 7 भरना होता है। फिर इसे भारत निर्वाचन के कार्यलाय में जमा करवाना होता है। इसके अलावा आप BLO, SDM के कार्यालय में भी इस फॉर्म को जमा करवा सकते हैं।