Illegal Indian Immigrants in US: आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भारत के 119 अवैध प्रवासियों को लेकर एक अमेरिकी विमान शनिवार यानी 15 फरवरी को अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंच सकता है। पिछले महीने डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिकी राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद से भारत निर्वासित किए जाने वाले व्यक्तियों का यह दूसरा समूह होगा। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार (14 फरवरी) को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि अमेरिका से अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर आए दूसरे अमेरिकी विमान को उतारने के लिए अमृतसर एयरपोर्ट को ही क्यों चुना गया।
पीटीआई के मुाबिक, अमेरिकी विमान के शनिवार रात करीब 10 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि 119 अवैध भारतीय प्रवासियों में पंजाब के 67, हरियाणा के 33, गुजरात के आठ, उत्तर प्रदेश के तीन, गोवा, महाराष्ट्र और राजस्थान के दो-दो और हिमाचल प्रदेश व जम्मू-कश्मीर का एक-एक व्यक्ति शामिल है।
निर्वासित लोगों को लेकर एक अन्य अमेरिकी विमान भी 16 फरवरी को पहुंचने की उम्मीद है। पिछले हफ्ते एक अमेरिकी सैन्य विमान 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को लेकर अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचा था। उनमें से 33-33 हरियाणा और गुजरात से तथा 30 पंजाब से थे। डिपोर्ट के दौरान निर्वासित लोगों को हथकड़ी लगाई गई थी, जिससे देश भर में हंगामा मच गया था।
अमेरिका से अवैध भारतीय अप्रवासियों को लेकर अमृतसर में विमानों के आने से राजनीतिक बहस छिड़ गई है। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार द्वारा अमृतसर को लैंडिंग स्थल के रूप में चुनने पर सवाल उठाया है। साथ ही केंद्र पर पंजाब को बदनाम करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को कहा, "(कथित तौर पर अवैध रूप से अमेरिका में प्रवास करने वाले भारतीय नागरिकों) को लेकर एक दूसरा विमान कल अमृतसर में उतरेगा। विदेश मंत्रालय को बताना चाहिए कि विमान उतारने के लिए अमृतसर को किस मानदंड के आधार पर चुना गया। आप पंजाब को बदनाम करने के लिए अमृतसर का चयन करते हैं तो, जिस समय पीएम मोदी और (अमेरिकी राष्ट्रपति) ट्रंप मिल रहे थे, वे (अमेरिकी अधिकारी) हमारे लोगों पर बेड़ियां डाल रहे होंगे। क्या ट्रंप ने यही तोहफा दिया है?"
5 फरवरी को अमेरिकी विमान C17 104 भारतीय अवैध प्रवासियों को लेकर अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचा था। विमान से उतरे सभी अवैध अप्रवासी भारतीयों के हाथों में हथकड़ी और पैरों में बेड़ियां डालकर लाया गया था। अब बड़ा सवाल यह है कि क्या इस बार भी पिछली बार की तरह ही भारतीयों को डिपोर्ट किया जाएगा। क्या उन्हें फिर से हथकड़ी-बेड़ियां पहनाकर भेजा जाएगा? इसकी जानकारी अभी तक सामने नहीं आ पाई है।