झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता चंपई सोरेन शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हो गए। गुरुवार को शामिल होने से एक दिन पहले, चंपई ने यह दावा करते हुए JMM से इस्तीफा दे दिया कि पार्टी की "कार्यशैली और नीतियों" ने उन्हें छोड़ने के लिए मजबूर किया। उन्होंने कई सालों तक JMM की सेवा की। उन्होंने विधायक और झारखंड कैबिनेट में मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया।
झारखंड के पूर्व सीएम और पूर्व JMM नेता चंपई सोरेन केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा और झारखंड बीजेपी अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी की मौजूदगी में बीजेपी में शामिल हुए।
BJP में शामिल होने से पहले चंपई सोरेन ने शुक्रवार को मीडिया से बात करते हुए कहा, "मैंने 18 अगस्त को ही पोस्ट किया था कि जिस पार्टी को मैंने अपने खून-पसीने से बनाया है, उसमें मेरे साथ क्या राजनीति हुई...मैंने सोच लिया था कि नई पार्टी बनाऊंगा संगठन या अगर मुझे कोई साथी मिलता है, तो मैं झारखंड की भलाई के लिए उनके साथ जुड़ूंगा।"
सोरेन ने आग कहा, "हमें बीजेपी के रूप में एक अच्छा साथी मिला है, मैं आज भाजपा में शामिल होने जा रहा हूं। हम पहले की तरह झारखंड के लिए लड़ेंगे। झारखंड के विकास के लिए काम करेंगे, आदिवासियों के अस्तित्व को बचाने के लिए हम झारखंड का विकास करेंगे।"
वहीं मुख्यमंत्री हेमंच सोरेन ने भी चंपई सोरेन की जगह अब घाटशिला से पार्टी के विधायक रामदास सोरेन को मंत्री मंडल में शामिल कर लिया है। रामदास सोरेन ने आज ही राजभवन में मंत्री पद की शपथ ली।
JMM छोड़ने को क्यों मजबूर हुए चंपई सोरेन?
चंपई सोरेन ने बुधवार को मंत्री और विधायक पद से इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद रामदास सोरेन को राज्य मंत्रिमंडल में शामिल किया गया।
चंपई सोरेन (Champai Soren) ने दावा किया था कि राज्य सरकार की ‘वर्तमान कार्यशैली और नीतियों’ ने उन्हें उस पार्टी को छोड़ने के लिए मजबूर किया, जिसकी उन्होंने कई सालों तक सेवा की।
हेमंत के जेल जाने पर संभाली थी सरकार की कमान
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने JMM के नेता हेमंत सोरेन को जनवरी में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के कुछ ही देर बाद गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद दो फरवरी को चंपई झारखंड के मुख्यमंत्री बने।
हेमंत सोरेन के जमानत पर रिहा होने के बाद चंपई ने तीन जुलाई को मुख्यमंत्री पद छोड़ दिया था और चार जुलाई को सोरेन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
चंपई ने 28 अगस्त को राज्य विधानसभा के सदस्य और झारखंड के मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। पार्टी प्रमुख शिबू सोरेन को लिखे पत्र में वरिष्ठ आदिवासी नेता ने कहा कि झामुमो की वर्तमान कार्यशैली से व्यथित होकर उन्हें पद छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।