आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) के गुंटुर शहर के कोठापेट इलाके में जिन्ना टावर (Jinnah Tower) को वाईएसआर कांग्रेस के एक विधायक ने मंगलवार को तिरंगे में रंग में दिया। साथ ही टावर के पास तिरंगा झंडा फहराने के प्रबंध भी किए गए हैं। टावर के पास एक पोल लगाया जाएगा ताकि यहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया जा सके। टावर पिछले कुछ समय से विवादों से घिरा हुआ है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसका नाम बदलने की मांग की है।
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर धारा-144 का उल्लंधन करते हुए मोहम्मद अली जिन्ना के नाम वाले इस टॉवर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की कोशिश करने को लेकर तीन युवकों को हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद इलाके में तनाव व्याप्त हो गया, क्योंकि हिंदू वाहिनी संगठन का सदस्य होने का दावा करते हुए कुछ लोगों ने शहर में जिन्ना टॉवर सेंटर की ओर मार्च करने और उस पर तिरंगा फहराने की कोशिश की।
हालांकि, इस तरह की गतिविधि को रेाकने के लिए वहां भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, मंगलवार को गुंटुर पूर्व के विधायक मोहम्मद मुस्तफा (Mohammed Musthafa) ने कहा कि विभिन्न समूहों के अनुरोध पर टॉवर को तिरंगे से सजाने और टॉवर के पास राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए एक पोल बनाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि गुरुवार को जिन्ना टॉवर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएगी।
पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ समय से भारतीय जनता पार्टी और अन्य हिंदू संगठन गुंटुर में देश की आजादी के पूर्व के स्मारक, जिन्ना टावर का नाम बदलने की मांग करते आ रहे हैं। उन्होंने धमकी दी थी कि यदि राज्य की जगन मोहन रेड्डी सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देगी तो वे इस ढांचे को ध्वस्त कर देंगे। इस पर, गुंटुर नगर निकाय अधिकारियों ने जिन्ना टॉवर की घेराबंदी कर दी और सांप्रदायिक तनाव पैदा करने वाले किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए वहां पुलिस तैनात कर दिया गया।
हिंदू वाहिनी ने गणतंत्र दिवस पर जिन्ना टावर पर तिरंगा फहराने का आह्वान किया था और इस स्मारक का नाम पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम के सम्मान में बदलने की मांग की। मुस्तफा ने हालांकि इस मुद्दे को उठाने के लिए बीजेपी सदस्यों की आलोचना की। उन्होंने एएनआई से कहा कि बीजेपी नेताओं को सांप्रदायिक झड़पों को भड़काने के बजाय, कोविड -19 महामारी के बीच जरूरतमंद लोगों की मदद करनी चाहिए।