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कर्नाटक में जातीय जनगणना बेहतर तरीके से नहीं हुई, नए सिरे से कराएं सर्वे – येदियुरप्पा

Karnataka: BJP नेता बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि कर्नाटक में जाति जनगणना बेहतर तरीके से नहीं कराई गई है। ऐसे में उन्होंने कांग्रेस सरकार से इसे एकबार फिर नए सिरे से सर्वेक्षण कराने और तथ्यों को जनता के सामने लाने की अपील की है। वहीं हिजाब मामले में भी येदियुरप्पा ने सीएम पर निशाना साधा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 24, 2023 पर 4:56 PM
कर्नाटक में जातीय जनगणना बेहतर तरीके से नहीं हुई, नए सिरे से कराएं सर्वे – येदियुरप्पा
Karnataka: दो समुदाय वोक्कालियाग और लिंगायत ने जाति जनगणना को सिरे से खारिज कर दिया है।

Karnataka: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कद्दावर नेता बी एस येदियुरप्पा ने कहा कि ‘जातीय जनगणना’ नाम से चर्चित कर्नाटक का सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण सही ढंग से नहीं कराया गया है। ऐसे में राज्य की कांग्रेस सरकार से अपील की है कि वो नए सिरे से सर्वेक्षण कराए और तथ्यों को लोगों के सामने रखे। कर्नाटक में दबदबा रखने वाले दो समुदायों (वोक्कलिगा और लिंगायत) ने भी इस सर्वेक्षण को अस्वीकार कर दिया है। इसके साथ ही मांग की है कि इसे खारिज कर नये सिरे से सर्वेक्षण कराया जाए।

पूर्व सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि सभी के दिमाग में यह बात है कि सर्वेक्षण सही तरीके से नहीं कराया गया। मेरी भी ऐसी ही राय है। लिहाजा नए सिरे से जाति आधारित सर्वेक्षण कराया जाए। इसके साथ ही लोगों को बेहतर जानकारी देनी चाहिए। मैं सरकार से इस दिशा में ईमानदारी से काम करने की अपील करता हूं।

कांग्रेस ने कराई थी आर्थिक और शैक्षिक सर्वे

बता दें कि येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से आते हैं। साल 2015 में सिद्धरमैया की अगुवाई वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार (2013-2018) ने राज्य में 170 करोड़ रुपये के अनुमानित खर्च से सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक सर्वेक्षण कराया था। जिसे ‘जातीय जनगणना’ कहा गया था। तत्कालीन अध्यक्ष एच कंठराजू की अध्यक्षता में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को इस जातीय जनगणना की रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। यह सर्वेक्षण सिद्धरमैया के बतौर सीएम पहले कार्यकाल के खत्म होने के समय साल 2018 में पूरा हुआ था लेकिन उसे न तो स्वीकार किया गया और न ही सार्वजनिक किया गया था।

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