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'मजिस्ट्रेट की ऐसी हिम्मत कैसे हुई?'; CJP प्रदर्शनकारी छात्र को नोटिस भेजने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ग्रेटर नोएडा प्रशासन को फटकारा

CJP protester: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 36 दिन लंबे आंदोलन में शामिल एक छात्र को नोटिस जारी किए जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (9 सितंबर) को गौतम बुद्ध नगर (ग्रेटर नोएडा) प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने सवाल उठाया कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट ने प्रदर्शनकारी छात्र को नोटिस कैसे जारी कर दिया?

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 09, 2026 पर 3:37 PM
'मजिस्ट्रेट की ऐसी हिम्मत कैसे हुई?'; CJP प्रदर्शनकारी छात्र को नोटिस भेजने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, ग्रेटर नोएडा प्रशासन को फटकारा
CJP प्रदर्शनकारी छात्र को नोटिस भेजने पर सुप्रीम कोर्ट ने बेहद ही सख्त टिप्पणी की है

Noida DM notice to CJP protester: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (9 सितंबर) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की अगुवाई में हुए प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर एक छात्र को नोटिस जारी करने पर ग्रेटर नोएडा की कार्यकारी मजिस्ट्रेट को कड़ी फटकार लगाई। शीर्ष अदालत ने पूछा कि उसके पहले के आदेश के बावजूद मजिस्ट्रेट ने ऐसा नोटिस जारी करने की हिम्मत कैसे की। शीर्ष न्यायालय ने कहा कि वह इस मामले में ग्रेटर नोएडा की कार्यकारी मजिस्ट्रेट से स्पष्टीकरण मांगेगा।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने सुनवाई के दौरान पूछा कि कार्यकारी मजिस्ट्रेट ऐसा नोटिस कैसे जारी कर सकती हैं। जबकि शीर्ष अदालत पहले ही निर्देश दे चुकी है कि छात्रों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

नोटिस बाद में वापस ले लिया गया

वरिष्ठ वकील विश्वजीत भट्टाचार्य ने सीजेआई की अगुवाई वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत के छात्रों पर प्रयोग किया जा रहा है। वकील ने कहा कि यह नोटिस भी सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर के आदेश के विपरीत था। हालांकि, नोटिस बाद में वापस ले लिया गया।

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