Karnataka Election 2023: कर्नाटक में विधानसभा की 224 सीटों के लिए मतदान सुबह 7 बजे शुरू हो गया। मतदाता शाम 6 बजे तक अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, पूर्व मुख्यमंत्री बी.एस. येदियुरप्पा, इंफोसिस के संस्थापक एन. आर. नारायणमूर्ति और उनकी पत्नी एवं लेखिका सुधा मूर्ति तथा मैसुरु के शाही परिवार की सदस्य राजमाता प्रमोदा देवी ने बुधवार को राज्य विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद वोट डाला।
तुमकुरु स्थित सिद्धगंगा मठ के संत सिद्धलिंग स्वामीजी, अभिनेता रमेश अरविंद, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर और राज्य सरकार के मंत्रियों आर. अशोक, अरागा ज्ञानेंद्र, सी.एन. अश्वथ नारायण और के. सुधाकर ने भी मतदान के शुरुआती घंटों में अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो सुबह सात बजे शुरू हुआ। मुख्यमंत्री बोम्मई ने हावेरी जिले के शिग्गांव में एक मतदान केंद्र पर मतदान किया। नारायण मूर्ति और सुधा मूर्ति ने बेंगलुरु के जयनगर में वोट डाला।
मतदान के बाद नारायणमूर्ति ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बड़ों की जिम्मेदारी है कि वे युवाओं के साथ बैठें और उन्हें समझाएं कि मतदान क्यों महत्वपूर्ण है, मुझे भी मेरे माता-पिता मतदान कराने के लिए ले गए थे। उन्होंने कहा कि पहले हम मतदान करते हैं और फिर हम कह सकते हैं कि यह अच्छा है, यह अच्छा नहीं है। लेकिन अगर हम ऐसा नहीं करते हैं तो हमें आलोचना करने का अधिकार नहीं है।
वहीं, उनकी पत्नी सुधा मूर्ति ने मतदान के बाद युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कृपया हमें देखें। हम बूढ़े हैं लेकिन हम 6 बजे उठे, यहां आएं और मतदान किया। कृपया हमसे सीखें। मतदान लोकतंत्र का एक पवित्र हिस्सा है। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा उनसे (युवाओं) कहती हूं कि आओ और मतदान करो और फिर तुम्हारे पास बात करने की शक्ति है, मतदान के बिना तुम्हारे पास बात करने की कोई शक्ति नहीं है। सुधा मूर्ति ने मतदाताओं से अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने की अपील की।
कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार मीणा, जिला निर्वाचन अधिकारी और बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के प्रमुख तुषार गिरि नाथ ने भी मतदान किया। बीजेपी के दिग्गज नेता येदियुरप्पा ने अपने बेटों - पार्टी उम्मीदवार बी. वाई. विजयेंद्र और शिवमोगा से सांसद बी.वाई. राघवेंद्र और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सुबह एक मंदिर में दर्शन किये और बाद में शिवमोगा जिले के शिकारीपुरा में मतदान किया।