Get App

बजरंग दल विवाद पर पी चिदंबरम की सफाई, हिंदूवादी संगठन पर बैन लगाने की बात से किया इनकार

Karnataka elections 2023: कर्नाटक विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में कांग्रेस ने बजरंग दल को पर कार्रवाई करने की घोषणा की थी। तब से ही इस मामले को लेकर कर्नाटक में सियासी पारा गरमाया हुआ है। बीजेपी ने कांग्रेस के इस कदम की कड़ी आलोचना की थी। वहीं, अब कांग्रेस के बड़े नेता पी चिदबंरम ने इस विवाद पर सफाई दी है

MoneyControl Newsअपडेटेड May 07, 2023 पर 6:30 PM
बजरंग दल विवाद पर पी चिदंबरम की सफाई, हिंदूवादी संगठन पर बैन लगाने की बात से किया इनकार
Karnataka elections 2023: कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 10 मई को होंगे और मतगणना 13 मई को की जाएगी

Karnataka elections 2023: बजरंग दल विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम (P Chidambaram) ने रविवार को कहा कि कर्नाटक चुनाव से संबंधित उनकी पार्टी के घोषणा-पत्र में यह कतई नहीं कहा गया है कि राज्य में उनकी पार्टी की सरकार बनने की स्थिति में संगठन (बजरंग दल) पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। उन्होंने इस मामले में सफाई देते हुए कहा कि हालांकि नफरत फैलाने वाले सभी संगठनों के खिलाफ कानून के दायरे में निर्णायक कार्रवाई किए जाने का वादा जरूर किया गया है। चिदंबरम ने BJP के उस दावे को खारिज कर दिया कि कांग्रेस बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाना चाहती है।

बता दें कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में कांग्रेस ने बजरंग दल को पर कार्रवाई करने की घोषणा की थी। तब से ही इस मामले को लेकर कर्नाटक में सियासी पारा गरमाया हुआ है। बीजेपी ने कांग्रेस के इस कदम की कड़ी आलोचना की थी। वहीं, अब कांग्रेस के बड़े नेता पी चिदबंरम ने इस विवाद पर सफाई दी है।

चिदंबरम ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा की जा रही आलोचनाओं को लेकर उस पर पलटवार करते हुए बजरंग दल की तुलना ‘बजरंगबली’ से किए जाने पर सवाल भी उठाया। कांग्रेस नेता ने पूछा कि इस ‘जादुई परिवर्तन’ की व्याख्या कैसे की जा सकती है। कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य के लोग बुद्धिमानी से अपने प्रतिनिधि का चयन करेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीदवारों का चयन तय करेगा कि कर्नाटक एक उदार, लोकतांत्रिक, बहुलवादी, सहिष्णु और प्रगतिवादी मॉडल बनेगा या फिर अंतर्मुखी, बहुसंख्यकवादी, असहिष्णु और दमनकारी राज्य। कांग्रेस नेता ने कहा कि लोकतंत्र और कर्नाटक के भविष्य के लिए, हमें बीजेपी को कर्नाटक में जीतने और इस जीत को पड़ोसी राज्यों में भुनाने से रोकना चाहिए।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें