Maharashtra Political Crisis: महाराष्ट्र की सत्तारूढ़ महा विकास आघाड़ी (MVA) सरकार में जारी राजनीतिक संकट के बीच शिवसेना के विधायक एक-एक करके उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ते दिख रहे हैं। दूसरी तरफ गुवाहाटी में बैठे शिवसेना के बागी नेता और कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) का गुट मजबूत होता जा रहा है। माना जा रहा है कि शिंदे के गुट में शामिल शिवसेना विधायकों की संख्या आज 50 पार जा सकती है।
समाचार एजेंसी एएनआई ने अपने सूत्रों के हवाले से बताया कि एकनाथ शिंदे के खेमे में शिवसेना के विधायकों की संख्या 50 से अधिक हो सकती है, क्योंकि आज और विधायकों के गुवाहाटी पहुंचने की संभावना है। इस बीच शिवसेना ने आज दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में पार्टी के जिलाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है।
12 विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य विधानसभा के उपाध्यक्ष के समक्ष एक याचिका दायर कर एकनाथ शिंदे सहित 12 बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। बैठक में शामिल ना होने वाले विधायकों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
दूसरी तरफ शिवसेना की कार्रवाई की मांग के बदले शिंदे ने डिप्टी स्पीकर और राज्यपाल को पत्र लिखा है। उन्होंने अपने खेमे में 37 शिवसेना विधायकों के होने का दावा किया है। शिंदे ने खुद को विधायक दल का नेता बताया है। उन्होंने कहा कि उद्धव हमें अयोग्य नहीं ठहरा सकते। वे सिर्फ हमें डराने की कोशिश कर रहे हैं।
आज 50 पार पहुंच सकता है शिंदे गुट का आंकड़ा
शिंदे कैंप में तीन निर्दलीय विधायक और शामिल हो गए हैं। इस तरह शिवसेना के 37 विधायकों को मिलाकर अब तक कुल 49 विधायकों का समर्थन एकनाथ शिंदे को मिल चुका है। मीडिया रिपोर्ट में आज 3 विधायकों के और जुड़ने की खबर आ रही है। शिवसेना के 3 विधायक गुरुवार को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले बागी खेमे में शामिल होने के लिए असम की राजधानी गुवाहाटी के लिए रवाना हो गए।
शिंदे के एक करीबी सहयोगी ने बताया कि सावंतवाड़ी से विधायक दीपक केसकर, चेंबूर से विधायक मंगेश कुडलकर और दादर से विधायक सदा सर्वंकर सुबह मुंबई से गुवाहाटी के लिए रवाना हुए। बुधवार शाम महाराष्ट्र के मंत्री गुलाबराव पाटिल सहित 4 विधायक गुवाहाटी के लिए रवाना हुए थे। सूत्रों ने बताया कि शिंदे अपने साथ मौजूद विधायकों से सलाह मशविरा करेंगे और फिर तय करेंगे कि मुंबई कब लौटना है।
बुधवार को गुवाहाटी पहुंचने के बाद शिंदे ने कुछ निर्दलीय विधायकों समेत 46 विधायकों के समर्थन का दावा किया था। वहीं, 3 विधायकों के और शामिल होने के बाद शिंदे गुट की संख्या अब 49 हो गई है। इस बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि अगर विधायक वापस आते हैं तो पार्टी NCP और कांग्रेस के साथ गठबंधन तोड़ने के लिए तैयार है। जबकि एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि बागी विधायकों को कीमत चुकानी पड़ेगी।
शिंदे ने कहा है कि एमवीए गठबंधन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और कांग्रेस मजबूत जबकि सरकार का नेतृत्व करने वाली शिवसेना और उसके कार्यकर्ता कमजोर हो रहे हैं। आपको बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भावनात्मक अपील करने और इस्तीफा देने की पेशकश के साथ ही बुधवार रात अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया था।
शिवसेना नेता संजय राउत ने शुक्रवार सुबह एक ट्वीट कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एक केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि अगर महाविकास अघाड़ी सरकार को बचाने के प्रयास किया गया तो शरद पवार को घर नहीं जाने दिया जाएगा। महाविकास अघाड़ी सरकार रहे या न रहे लेकिन शरद पवार के लिए ऐसी भाषा का उपयोग स्वीकार्य नहीं है।
संजय राउत ने कहा कि शरद पवार साहब को धमकियां देने का काम चल रहा है। अमित शाह और मोदी जी आप के मंत्री पवार साहब को धमकी दे रहे हैं। क्या ऐसी धमकियों को आपका समर्थन है? उन्होंने राजनीतिक संकट पर कहा कि संख्या बल कागज में ज्यादा हो सकती है लेकिन अब यह लड़ाई कानूनी लड़ाई होगी। हमारे जिन 12 लोगों ने बगावत शुरू की है उनके ख़िलाफ़ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की है जिसके लिए हमारे लोगों ने सभापति से मुलाकात की है।