Maharashtra: उद्धव की पार्टी की होगी 'शिवसेना - उद्धव बालासाहेब ठाकरे', शिंदे गुट को मिला 'बालासाहेबंची शिवसेना' नाम, EC ने किया ऐलान

Maharashtra: चुनाव आयोग ने शिवसेना (Shiv Sena) के प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे गुट के लिए 'त्रिशूल और गदा' को नया चुनाव चिन्ह बनाने को मंजूरी नहीं दी है। EC ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘मशाल' चुनाव चिन्ह दिया है

अपडेटेड Oct 10, 2022 पर 9:17 PM
उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंद को मिला पार्टी का अलग-अलग नाम

Maharashtra Politics: चुनाव आयोग (EC) ने उद्धव ठाकरे गुट (Uddhav Thackeray) के लिए पार्टी का नया नाम 'शिवसेना - उद्धव बालासाहेब ठाकरे' (Shiv Sena - Uddhav Balasaheb Thackeray) दिया है। साथ ही एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) गुट को 'बालासाहेबंची शिवसेना' (Balasahebanchi Shiv Sena) नाम दिया गया है। आयोग ने शिंदे गुट को नया चुनाव चिन्ह का चयन करने के लिए भी कहा।

चुनाव आयोग ने शिवसेना (Shiv Sena) के प्रतिद्वंद्वी एकनाथ शिंदे गुट के लिए 'त्रिशूल और गदा' को नया चुनाव चिन्ह बनाने को मंजूरी नहीं दी है। आयोग ने धार्मिक अर्थों का हवाला देते हुए इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया है।

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को ‘मशाल' चुनाव चिन्ह आवंटित किया है। आयोग ने धार्मिक अर्थों का हवाला देते हुए चुनाव चिन्ह के रूप में 'त्रिशूल' की मांग करने के उद्धव गुट के दावे को खारिज कर दिया है।


चुनाव आयोग ने यह भी बताया कि दोनों धड़ों की तरफ से मांगा गया 'उगता सूरज' चुनाव चिन्ह तमिलनाडु और पुडुचेरी में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के लिए रिजर्व था। आयोग ने शिंदे गुट से मंगलवार सुबह दस बजे तीन चुनाव चिन्हों की लिस्ट दाखिल करने को कहा है।

ऐसा समझा जाता है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने राजनीतिक दलों को धार्मिक अर्थ रखने वाले चुनाव चिन्ह आवंटित करने के मामले में कड़ा रुख अपना रखा है।

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शिवसेना के प्रतिद्वंद्वी गुटों में से दोनों ने त्रिशूल और उगता हुए सूरज को चुनाव चिन्ह के रूप में आवंटित करने की मांग की थी।

शिंदे ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करते हुए दावा किया था कि उनके पास शिवसेना के 55 में 40 विधायकों और 18 लोकसभा सदस्यों में से 12 का समर्थन हासिल है। उद्धव के इस्तीफे के बाद शिंदे ने बीजेपी की मदद से सरकार बनाने हुए मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।

'आने वाले दिनों में बड़ी क्रांति लाएगा नया चुनाव चिन्ह'

वहीं शिवसेना के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने सोमवार को कहा कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाले राजनीतिक दल के लिए नया चुनाव चिन्ह आने वाले दिनों में बड़ी क्रांति ला सकता है।

धन शोधन के एक मामले में आरोपी राउत को धनशोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) अदालत में पेश किया गया था। उनकी न्यायिक हिरासत सोमवार को खत्म हो गई। विशेष न्यायाधीश एम जी देशपांडे उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रहे हैं। राउत को जब अदालत में लाया गया तो वहां उनके परिवार के सदस्य और समर्थक मौजूद थे।

शिवसेना के चुनाव चिह्न ‘धनुष बाण’ के इस्तेमाल पर रोक लगाने के आयोग के अंतरिम आदेश के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए राउत ने कहा, "शिवसेना (ठाकरे नीत) का नया चुनाव चिह्न पार्टी के लिए बड़ी क्रांति ला सकता है।"

उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ, जब किसी राजनीतिक दल के सामने इस तरह की स्थिति आई हो जहां उसके चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई हो।

हाई कोर्ट पहुंचा उद्धव गुट

वहीं इससे पहले दिन में चुनाव आयोग की तरफ से 'धनुष बाण' को फ्रीज किए जाने के फैसले के खिलाफ उद्धव गुट ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अर्जी दायर की थी। इस अर्जी में उद्धव गुट ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग की थी।

उद्धव गुट की तरफ से चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ दायर अर्जी में कहा गया है कि चुनाव आयोग ने हमारे भेजे हुए दस्तावेजों की जांच पड़ताल न करते हुए शिवसेना का चुनाव चिह्न 'धनुष बाण' फ्रीज कर दिया है। इतना ही नहीं उद्धव गुट ने चुनाव आयोग पर उनका पक्ष रखने के लिए समय न देने और फैसला करने में जल्दबाजी करने का भी गंभीर आरोप लगाया है।

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