Maharashtra: उपचुनाव से पहले EC ने फ्रीज किया शिवसेना का चुनाव चिन्ह, उद्धव और शिंदे दोनों गुटों को मिलेगा नया नाम और सिंबल

EC ने निर्देश दिया कि उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे दोनों गुट अंधेरी पूर्व उपचुनाव में पार्टी का नाम "शिवसेना" या उसका चुनाव चिन्ह "धनुष और तीर" का इस्तेमाल तब तक नहीं, करेंगे जब तक कि इस मामले का अंतिम रूप से फैसला नहीं हो जाता

अपडेटेड Oct 08, 2022 पर 10:12 PM
उद्धव और शिंदे दोनों गुटों को मिलेगा नया नाम और सिंबल

Maharashtra: चुनाव आयोग (EC) ने उद्धव और शिंदे खेमे के बीच शिवसेना (Shiv Sena) की दावेदारी पर चल रही लड़ाई को लेकर शनिवार को एक अंतरिम आदेश पारित किया हैं। इसमें निर्देश दिया गया कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) और एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) दोनों गुट अंधेरी पूर्व उपचुनाव (Andheri East bypolls) में पार्टी का नाम "शिवसेना" या उसका चुनाव चिन्ह "धनुष और तीर" का इस्तेमाल तब तक नहीं, करेंगे जब तक कि इस मामले का अंतिम रूप से फैसला नहीं हो जाता।

चुनाव आयोग ने कहा कि दोनों धड़ों को अलग-अलग चुनाव चिह्न भी दिए जाएंगे। इसके लिए वे मौजूदा उपचुनावों के लिए पैनल की तरफ से नोटिफाई किए गए फ्री सिंबल की लिस्ट में से कोई एक चिन्ह चुन सकते हैं। आदेश में कहा गया है, "इसके अनुसार, दोनों समूहों को 10 अक्टूबर को दोपहर 1 बजे तक पशे होने का निर्देश दिया जाता है।"

चुनाव आयोग ने शुक्रवार को शिवसेना के ठाकरे धड़े को राज्य में आगामी विधानसभा उपचुनाव के मद्देनजर पार्टी के "धनुष और तीर" चुनाव चिन्ह पर प्रतिद्वंद्वी शिंदे समूह के दावे पर शनिवार तक जवाब देने को कहा।


दोनों गुटों ने लगाई आयोग में अपील

आयोग का यह निर्देश शुक्रवार को तब आया, जब शिंदे धड़े ने एक ज्ञापन सौंपकर अंधेरी पूर्व विधानसभा उपचुनाव के नजदीक चुनाव चिन्ह दिए जाने की मांग की थी।

इसके बाद ठाकरे को लिखे एक पत्र में आयोग ने 8 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे तक सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ इस पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था।

आयोग ने ठाकरे को बताया कि शिंदे गुट ने 4 अक्टूबर को 'धनुष-बाण' पर दावा पेश किया था। अंधेरी पूर्व उपचुनाव के लिए शुक्रवार को नोटिफिकशन जारी किया था।

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ठाकरे गुट से ताल्लुक रखने वाले शिवसेना नेता अनिल देसाई ने कहा कि पार्टी तय समय के भीतर आयोग को जवाब देगी।

वहीं शिंदे गुट की तरफ से 'धनुष और बाण' चुनाव चिन्ह पर नए दावे को ठाकरे गुट की तरफ से इसके इस्तेमाल से इनकार करने की कोशिशों के रूप में देखा जाता है। इसने 3 नवंबर के उपचुनाव के लिए विधायक रमेश लटके की विधवा रुतुजा लटके को मैदान में उतारने का फैसला किया है।

शिंदे गुट की सहयोगी बीजेपी ने रमेश लटके के निधन के कारण हुए उपचुनाव के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में पार्षद मुरजी पटेल को मैदान में उतारने का फैसला किया है।

उधर कांग्रेस और NCP ने शिवसेना के ठाकरे धड़े के उम्मीदवार, महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) में उनके गठबंधन सहयोगी का समर्थन करने का फैसला किया है।

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