केंद्रीय एजेंसियों के 'दुरुपयोग' पर दिल्ली में विपक्षी दलों से मुलाकात कर सकती हैं ममता बनर्जी, लेकिन कांग्रेस से होगी दूरी

तृणमूल कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने ANI को बताया कि पार्टी प्रमुख के दिल्ली के दौरे पर जाने की संभावना है। हालांकि, इसके लिए कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। नेता ने कहा, "...लेकिन संभावना है कि वह मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में दिल्ली में होंगी।" हालांकि, सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के साथ टीएमसी प्रमुख की बैठक की संभावना नहीं है

अपडेटेड Mar 15, 2023 पर 8:03 PM
Story continues below Advertisement
दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के साथ TMC प्रमुख की बैठक की संभावना नहीं है

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) एक बार फिर विपक्ष को एकजुट करने की कवायद करती दिख सकती हैं। खबर है कि विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग को लेकर ममत बनर्जी जल्द ही राष्ट्रीय राजधानी में विपक्ष के कई बड़े नेताओं से मुलाकात कर सकती हैं। ये जानकारी ऐसे समय आई है, जब ब्रिटेन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की बयान को लेकर केंद्र सरकार हंगामा कर रही है, तो वहीं अडानी के खिलाफ हिंडनबर्ग रिपोर्ट की जांच एक ज्वाइंट संसदीय समिति से कराए जाने की मांग पर विपक्ष भी अड़ा है।

तृणमूल कांग्रेस के एक शीर्ष नेता ने ANI को बताया कि पार्टी प्रमुख के दिल्ली के दौरे पर जाने की संभावना है। हालांकि, इसके लिए कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाना बाकी है।

नेता ने कहा, "...लेकिन संभावना है कि वह मार्च के अंत या अप्रैल की शुरुआत में दिल्ली में होंगी।" हालांकि, सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के साथ टीएमसी प्रमुख की बैठक की संभावना नहीं है।


सूत्रों ने कहा, "राष्ट्रीय राजधानी में TMC प्रमुख की उन राजनीतिक दलों से मिलने की संभावना है, जिन्होंने केंद्रीय एजेंसियों के गलत इस्तेमाल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संयुक्त रूप से हस्ताक्षर कर के पत्र जारी किया था।" ममता खुद उन विपक्षी नेताओं में शामिल थीं, जिन्होंने पत्र लिखा था।

इन नेताओं में BRS प्रमुख के चंद्रशेखर राव, JKNC प्रमुख फारूक अब्दुल्ला, AITC प्रमुख ममता बनर्जी, NCP प्रमुख शरद पवार, उद्धव ठाकरे, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, RJD नेता तेजस्वी यादव और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव शामिल हैं।

इंदिरा और राजीव गांधी से विरासत में नारे गढ़ने और चुनावी फायदा लेने का हुनर राहुल गांधी नहीं सीख पाए

हालांकि, इस पत्र में कांग्रेस, JDS, JD(U) और CPI(M) के किसी नेता ने हस्ताक्षर नहीं किए थे।

लालू प्रसाद यादव और के चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता समेत कई विपक्षी नेताओं को इन एजेंसियों के हाथों पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के दो मंत्री सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया वर्तमान में जेल में बंद हैं।

पिछली बार जब ममता बनर्जी राष्ट्रीय राजधानी में आई थीं, तो केंद्र की तरफ से सभी राजनीतिक दलों के अध्यक्षों की तरफ से बुलाई गई G20 बैठक के दौरान आई थीं।

इससे पहले पांच मार्च को विपक्ष की आवाज को एक सुर में मिलाने की कोशिश में आठ राजनीतिक दलों के नौ नेताओं ने आबकारी नीति मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी पर पीएम मोदी को पत्र लिखा था। इन नेताओं ने आरोप लगाया था कि इसका ''दुरुपयोग'' किया जा रहा है। आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग से पता चलता है कि देश लोकतंत्र से निरंकुशता में बदल गया है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।