I.N.D.I.A. गठबंधन को बड़ा झटका, मायावती बोलीं- BSP अपने दम पर लड़ेगी लोकसभा चुनाव

2024 Lok Sabha Elections: मायावती ने कहा, "यदि यह चुनाव 2007 के यूपी विधानसभा चुनाव की तरह निष्पक्ष एवं ईमानदारी के साथ होता है, जब EVM में कोई गड़बड़ी या धांधली नहीं की गई थी, तो हमारी पार्टी लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़कर बेहतर परिणाम लाएगी।"

अपडेटेड Jan 15, 2024 पर 1:36 PM
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BSP प्रमुख ने कहा, "हमारी पार्टी यह चुनाव अकेले इसलिए लड़ती है क्योंकि नेतृत्व एक दलित के हाथ में है"

2024 Lok Sabha Elections: लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A. (इंडियन नेशनल डिवेलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) को बहुजन समाज पार्टी (BSP) की प्रमुख मायावती (BSP Supremo Mayawati) ने बड़ा झटका दिया है। BSP अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने 68वें जन्मदिन पर सोमवार को ऐलान किया कि उनकी पार्टी 2024 का लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जातिवादी, पूंजीवादी, सांप्रदायिक तथा संकीर्ण सोच रखने वाली विरोधी पार्टियों से दूरी बनाकर रखेगी

यूपी की राजधानी लखनऊ में BSP के राज्य मुख्यालय पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने कहा, ''चुनाव को लेकर यह बात फिर से स्पष्ट कर देना चाहती हूं कि हमारी पार्टी देश में होने वाले लोकसभा के आम चुनाव गरीबों, उपेक्षित वर्गों में से विशेषकर दलितों, आदिवासियों, अति पिछड़े वर्ग, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के लोगों के बलबूते पर ही पूरी तैयारी एवं दमखम के साथ अकेले ही लड़ेगी।''

उन्होंने जोर देते हुए कहा, ''इन्हीं के बलबूते ही हमने 2007 में आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अकेले ही चुनाव लड़कर अपनी पार्टी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी। इसलिए पूर्व के अनुभव को ध्‍यान में रखकर हमारी पार्टी लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़ेगी।'' मायावती ने कहा कि बीजेपी जातिवादी, पूंजीवादी, सांप्रदायिक एवं संकीर्ण सोच रखने वाली विरोधी पार्टियों से दूरी बनाकर रखेगी और किसी भी गठबंधन या पार्टी के साथ मिलकर यह चुनाव नहीं लड़ेगी।


राम मंदिर पर क्या बोलीं?

BSP प्रमुख मायावती ने कहा, "मुझे राम मंदिर रे प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण मिला है, मैंने इसपर कोई फैसला नहीं लिया है क्योंकि मैं अपने पार्टी के काम में व्यस्त हूं लेकिन अयोध्या में 22 जनवरी को जो कार्यक्रम हो रहा है उसका हम स्वागत करते हैं। आगे चलकर अगर बाबरी मस्जिद को लेकर ऐसा कोई कार्यक्रम होता है तो उसका भी हम स्वागत करेंगे। हमारी पार्टी धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।" इस दौरान मायावती ने कहा, "पिछले महीने मैंने आकाश आनंद को अपना एकमात्र उत्तराधिकारी घोषित किया था जिसके बाद मीडिया में यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि मैं जल्द ही राजनीति से संन्यास लेने वाली हूं। मैं बताना चाहूंगी कि इन अटकलों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है..."

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EVM पर सवाल

उन्होंने कहा, "यदि यह चुनाव 2007 के उप्र विधानसभा चुनाव की तरह निष्पक्ष एवं ईमानदारी के साथ होता है, जब EVM में कोई गड़बड़ी या धांधली नहीं की गई थी, तो हमारी पार्टी लोकसभा चुनाव अकेले ही लड़कर बेहतर परिणाम लाएगी।" BSP प्रमुख ने कहा, "हमारी पार्टी यह चुनाव अकेले इसलिए लड़ती है क्योंकि पार्टी का नेतृत्व एक दलित के हाथ में है जिसके प्रति अधिकतर पार्टियों की जातिवादी मानसिकता अभी तक नहीं बदली है। यही मुख्य वजह है कि गठबंधन करके चुनाव लड़ने पर बसपा के वोट तो गठबंधन की पार्टी में चले जाते हैं, लेकिन उनके वोट, खास कर उच्च जाति वर्ग के वोट बसपा को नहीं मिल पाते।"

मायावती ने अपनी पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल की उपलब्धियों को भी गिनाया। साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा, ''BSP ने चार बार की सरकार में सभी वर्गों के लिए काम किया। वर्तमान समय में कोई काम नहीं दिख रहा और मुफ्त में राशन देकर लोगों को गुलाम बनाया जा रहा है।''

BSP प्रमुख ने EVM पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, ''ईवीएम में मिल रही गड़बड़ी की खबरों से पार्टी के लोग चिंतित हैं। ऐसे में पूरी ऊर्जा से पार्टी को मजबूत बनाना है। यदि पार्टी के लोग इन हालात का मुकाबला कर पूरी निष्ठा से लगे रहते हैं तो पार्टी मजबूत होगी।''

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