MP BJP List: बीजेपी ने दूसरी लिस्ट में दिग्गजों पर लगाया दांव, जीती हुईं चार सीटों पर भी किया फेरबदल, 39 में से 35 सीटों पर मिली थी हार
MP BJP List: मध्य प्रदेश चुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवारों की अपनी दूसरी लिस्ट में तीन केंद्रीय मंत्रियों- नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते को जगह दी। मंत्रियों के अलावा जिन सांसदों को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया है, उनमें राकेश सिंह, गणेश सिंह, रीति पाठक और उदय प्रताप सिंह शामिल हैं। ये सभी लोकसभा के सदस्य हैं
MP Election 2023: 'कहीं राजस्थान न बन जाए मध्य प्रदेश!' नरेंद्र सिंह तोमर के मैदान में उतरने से शिवराज को कितना खतरा?
MP Election 2023: मध्य प्रदेश विधानसभा का चुनाव (MP Assembly Election) अब और भी दिलचस्प हो गया है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने फिलहाल केंद्रीय मंत्रियों और सांसदों को भी चुनावी मैदान में उतार दिया है। सोमवार देर शाम बीजेपी की 39 उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट में कुछ ऐसे नाम थे, जिसने राजनीतिक गलियारे का मिजाज ही बदल दिया। मध्य प्रदेश चुनाव के लिए बीजेपी ने उम्मीदवारों की अपनी दूसरी लिस्ट में तीन केंद्रीय मंत्रियों- नरेंद्र सिंह तोमर, प्रह्लाद सिंह पटेल और फग्गन सिंह कुलस्ते को जगह दी।
मंत्रियों के अलावा जिन सांसदों को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया है, उनमें राकेश सिंह, गणेश सिंह, रीति पाठक और उदय प्रताप सिंह शामिल हैं। ये सभी लोकसभा के सदस्य हैं।
39 में से 35 सीटों पर हारी BJP
दूसरी लिस्ट में 39 में से 35 सीटें ऐसी हैं, जिन पर 2018 में बीजेपी को हार मिली था। बड़ी बात ये है कि बाकी चार जीती हुई सीटों पर भी बीजेपी ने इस बार उम्मीदवार बदल दिए हैं... ये सीट हैं- मैहर, सीधी, नरसिंहपुर और आगर
इन सीटों पर बात करने से पहले एक नजर डालते हैं, उन तीन सीटों पर जहां, पार्टी ने अपने केंद्रीय मंत्रियों को मैदान में उतारा है। इन सीटों को बीजेपी के लिए कमजोर माना जा रहा है।
सबसे पहले बात करते हैं दिमनी विधानसभा सीट की, यहां से पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को टिकट दिया है। तोमर को पीएम नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में सबसे भरोसेमंद मंत्रियों में से एक माना जाता है। उन्हें हाल ही में बीजेपी ने मध्य प्रदेश चुनाव के लिए प्रचार प्रमुख भी नियुक्त किया था।
दिमनी सीट चंबल क्षेत्र के मुरैना जिले में आती है। कृषि मंत्री तोमर मुरैना से ही मौजूदा सांसद हैं, जिसके अंतर्गत दिमनी सीट आती है। हालांकि, उन्हें यहां कुछ मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। क्योंकि विधानसभा चुनाव के लिहाज से दिमनी बीजेपी के लिए कमजोर सीट मानी जाती है। कांग्रेस ने 2018 के साथ-साथ 2020 के उपचुनाव में भी ये सीट जीती थी।
2018 के चुनावों में बीजेपी ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में 34 में से सिर्फ आठ सीटें जीत सकी थी और इस बार उसे कुछ बदलाव की उम्मीद है।
दूसरी सीट है निवास, जहां से फग्गन सिंह कुलस्ते को मैदान में उतारा गया है। मोदी कैबिनेट में ग्रामीण विकास और स्टील राज्य मंत्री कुलस्ते के लिए यहां लड़ाई थोड़ी मुश्किल हो सकती है, क्योंकि निवास सीट पर 2018 में कांग्रेस नेता डॉ. अशोक मर्सकोले ने जीत हासिल की थी।
निवास सीट मंडला जिले में आती है, और कुलस्ते मंडला से लोकसभा सांसद भी हैं। आदिवासी नेता फग्गन सिंह कुलस्ते 33 साल बाद विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। इससे पहले निवास सीट से उनके भाई राम प्यारे चुनाव लड़े थे और हार गए थे। फग्गन 6 बार लोकसभा और एक बार राज्यसभा सांसद रह चुके हैं।
तीसरी सीट है नरसिंहपुर, जहां से प्रह्लाद सिंह पटेल को पार्टी ने अपना चेहरा बनाया है। हैरानी की बात ये है कि इस सीट पर 2012 और 2018 के चुनाव में पार्टी ने जीत हासिल की थी, लेकिन मौजूदा विधायक और उनके भाई जालम सिंह पटेल का टिकट काट कर पार्टी अब केंद्रीय मंत्री को लेकर आई है। 2008 में कांग्रेस ने ये सीट जीती थी।
अहम बात ये है कि प्रह्लाद पटेल ने कभी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा है। पटेल वर्तमान में दमोह से सांसद हैं।
पार्टी ने राज्यसभा सांसदों को भी तैयार रहने को कहा
इसके अलावा सांसद गणेश सिंह को सतना, सांसद रीति पाठक को सीधी, सांसद राकेश सिंह को जबलपुर पश्चिम और सांसद उदय प्रताप सिंह को गाडरवारा से खुद को साबित करने का मौक दिया है। बड़ी बात ये है कि रीति पाठक और गणेश सिंह दोनों ही नेता पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ने वाले हैं। इन सांसदों के पास केंद्र में कोई मंत्री पद भी नहीं है।
Hindustan Times ने अपनी रिपोर्ट में पार्टी के एक पदाधिकारी के हवाले से बताया कि केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारने का फैसला पार्टी आलाकमान ने लिया है। चुनाव में पार्टी की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए ये कदम उठाया गया है।
पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "पार्टी आलाकमान ने सांसदों और मंत्रियों को चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए कहा है। कुछ मंत्री जो राज्यसभा सदस्य हैं, उन्हें भी चुनाव के लिए तैयार रहने के लिए कहा गया है।"
एक और बीजेपी नेता ने कहा कि पार्टी को ये भी उम्मीद है कि वो वरिष्ठ मंत्रियों और विधायकों को मैदान में उतारकर अपने विधायकों के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर को खत्म कर देगी।