Winter Session: कोरोना को लेकर सांसदों ने लोकसभा में की आधी रात तक मैराथन बहस, विपक्ष ने सरकार को घेर

देश में COVID-19 स्थिति के बारे में बोलने के लिए सांसद आधी रात तक संसद में बैठे रहे

अपडेटेड Dec 03, 2021 पर 12:00 PM
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कब तक वैक्सीन लगना शुरू होगा? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया आज इस चर्चा पर अपना जवाब देंगे।

Winter Session: ओमीक्रोन वेरिएंट (Omicron variant) के प्रसार की चिंताओं के बीच लोकसभा में गुरुवार को कोरोना वायरस महामारी को लेकर सांसदों ने आधी रात तक मैराथन बहस की। इस दौरान सासंदों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। कांग्रेस ने सरकार पर कोविड महामारी से निपटने के कार्य को जरूरी प्राथमिकता नहीं देने का आरोप लगाया। कोरोना महामारी और इससे जुड़े विभिन्न पहलुओं पर करीब 12 बजकर 20 मिनट तक चर्चा जारी रही।

कांग्रेस ने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि महामारी के दौरान कितने लोगों की मौत हुई, कितने परिवारों की मदद की गई तथा 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कब से वैक्सीन लगने शुरू होंगे, साथ ही कोविड वैक्सीन की बूस्टर या तीसरी डोज को लेकर उसकी क्या नीति है? इस दौरान बीजेपी सासंदों ने कोरोना महामारी से निपटने और वैक्सीनेशन में बेहतरीन प्रदर्शन को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार का बचाव किया।

'कोविड से उत्पन्न स्थिति' पर हुई चर्चा


लोकसभा में नियम 193 के तहत 'कोविड से उत्पन्न स्थिति' पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कांग्रेस सदस्य गौरव गोगोई ने कहा कि कोविड-19 महामारी ने बच्चों, बूढ़ों सहित समाज के हर वर्ग के लोगों को प्रभावित किया है और इसका असर देश की 130 करोड़ आबादी पर देखा जा सकता है। राजेंद्र अग्रवाल के अनुसार, इस बहस में 74 सदस्यों ने हिस्सा लिया। अन्य सदस्य भी थे जिन्होंने अपने भाषणों की प्रतियां सदन के पटल पर रखीं। आज एक बार फिर कोरोना मुद्दे पर चर्चा हो सकती है।

गोगोई ने आरोप लगाया कि कोरोना महामारी पर सदन में चर्चा के लिये सरकार को जिस प्रकार की प्राथमिकता दिखानी चाहिए थी, वह नहीं दिखाई गई। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के कारण लॉकडाउन के दौरान घरों में बच्चों एवं महिलाओं के शोषण की खबरें आई हैं। इसके कारण 3,620 बच्चों के अनाथ होने तथा 26 हजार बच्चों के माता या पिता में से कम से कम एक को खोने की रिपोर्ट सामने आई है।

स्वास्थ्य मंत्री आज देंगे विपक्ष को जवाब

कांग्रेस सांसद ने सवाल किया कि ऐसे कितने बच्चों और महिलाओं ने सरकार से हेल्पलाइन पर सम्पर्क किया तथा सरकार ऐसे कितने लोगों तक पहुंची तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय सहित अन्य विभागों ने कितने दिव्यांगों की मदद की? उन्होंने सरकार से जानना चाहा कि निजी क्षेत्र ने कितने लोगों को कोविड वैक्सीन लगाए। बूस्टर डोज को लेकर सरकार का क्या रूख और नीति है? 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कब तक वैक्सीन लगना शुरू होगा? केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया आज इस चर्चा पर अपना जवाब देंगे।

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