PM Modi in Gujarat: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी गुरुवार से गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर हैं। इस दौरान वह विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। साथ ही गुजरात में पहली बार हो रहे 36वें राष्ट्रीय खेलों का उद्घाटन करेंगे। बता दें कि गुजरात, पीएम मोदी का गृह राज्य है और इस साल के अंत तक वहां विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्य में करीब तीन दशक से शासन कर रही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता में कायम रहने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
इसी क्रम में गुजरात दौरे के दौरान सूरत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक भव्य रोड शो किया। इसके बाद पीएम मोदी ने सूरत में 3,400 करोड़ से ज्यादा की लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इसके बाद पीएम मोदी ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में सूरत एक डायमंड ट्रेडिंग हब के रूप में विकसित होगा और सड़कों पर इलेक्ट्रिक गाड़ियां चलेंगी।
पीएम मोदी ने कहा कि सूरत शहर लोगों की एकजुटता और जनभागीदारी, दोनों का बहुत ही शानदार उदाहरण है। हिन्दुस्तान का कोई प्रदेश ऐसा नहीं होगा, जिसके लोग सूरत की धरती पर न रहते हों। सूरत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये शहर श्रम का सम्मान करने वाला शहर है।
उन्होंने कहा कि इस सदी के शुरुआती दशकों में जब दुनिया में 3-P यानि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप की चर्चा होती थी, तब मैं कहता था कि सूरत 4-P का उदाहरण है। 4-P यानि पीपुल, पब्लिक, प्राइवेट, पार्टनरशिप। यही मॉडल सूरत को विशेष बनाता है।
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि सूरत के कपड़ा और हीरा कारोबार से देशभर के अनेक परिवारों का जीवन चलता है। ड्रीम सिटी प्रोजेक्ट जब पूरा हो जाएगा तो सूरत, विश्व के सबसे सुरक्षित और सुविधाजनक डायमंड ट्रेडिंग हब के रूप में विकसित होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि बीते 2 दशकों से विकास के जिस पथ पर सूरत चल पड़ा है, वो आने वाले सालों में और तेज होने वाला है। यही विकास आज डबल इंजन सरकार पर विश्वास के रूप में झलकता है। जब विश्वास बढ़ता है, तो प्रयास बढ़ता है। और सबका प्रयास से राष्ट्र के विकास की गति तेज होती है।
उन्होंने संबोधन के दौरान जनता को बताया कि आयुष्मान भारत योजना के तहत देश में अभी तक लगभग 4 करोड़ गरीब मरीजों को मुफ्त इलाज मिल चुका है। इसमें से 32 लाख से अधिक मरीज गुजरात के हैं और लगभग सवा लाख सूरत से हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि सूरत शहर लोगों की एकजुटता औऱ जनभागीदारी, दोनों का बहुत ही शानदार उदाहरण है। हिन्दुस्तान का कोई प्रदेश ऐसा नहीं होगा, जिसके लोग सूरत की धरती पर न रहते हों। सूरत की सबसे बड़ी खासियत ये है कि ये शहर श्रम का सम्मान करने वाला शहर है।