World Heart Day: सिंगर केके से लेकर राजू श्रीवास्तव तक... भारतीय लगातार हो रहे हार्ट अटैक के शिकार, 'साइलेंट किलर' से बचना है तो छोड़ दें ये बुरी आदतें

एक दशक पहले हार्ट अटैक की बात करते हुए उम्र मायने रखती थी, लेकिन आज काम का तनाव, डायबिटीज, खराब लाइफ स्टाइल और खान-पान की गलत आदतों के कारण युवा हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं

अपडेटेड Sep 29, 2022 पर 12:08 PM
विश्व स्तर पर 1.79 करोड़ हार्ट अटैक से संबंधित मौतों में से कम से कम पांचवां हिस्सा भारत का है

मशहूर सिंगर केके, कन्नड़ सुपरस्टार पुनीत राजकुमार, टीवी अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला और प्रसिद्ध कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव... इन सभी हस्तियों ने काफी कम उम्र में कार्डियक अरेस्ट यानी साइलेंट किलर बनता जा रहा हार्ट अटैक से अपनी जान गंवा दी। एक दशक पहले हार्ट अटैक की बात करते हुए उम्र मायने रखती थी, लेकिन आज काम का तनाव, डायबिटीज, खराब लाइफ स्टाइल और खान-पान की गलत आदतों के कारण युवा हार्ट अटैक के शिकार हो रहे हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, विश्व स्तर पर 1.79 करोड़ हार्ट अटैक से संबंधित मौतों में से कम से कम पांचवां हिस्सा भारत का है। खासकर युवा पीढ़ी हार्ट अटैक की सबसे ज्यादा शिकार है। इसका मतलब है कि भारत में हार्ट अटैक के कारण 35 लाख से अधिक मौतें होती हैं।

युवा वयस्कों में हार्ट अटैक का बढ़ा खतरा


हालांकि, यह साबित करने के लिए कोई ठोस डेटा नहीं है कि युवा वयस्कों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ रहा है। कुछ स्टडी से पता चलता है कि कोविड -19 प्रकोप के बाद ऐसे मामलों में वृद्धि हुई है। नारायण सुपरस्पेशलिटी अस्पताल के डॉ हेमंत मदान ने News18.com को बताया कि युवा मरीजों में कम से कम दो से तीन गुना वृद्धि हुई है।

ये भी पढ़ें- CDS Anil Chauhan: आतंकवाद विरोधी अभियानों में माहिर, 40 साल का अनुभव... जानें कौन हैं देश के नए नए सीडीएस अनिल चौहान

मदन ने कहा कि उन्होंने 5 साल पहले की तुलना में एक महीने में कार्डियक अरेस्ट या दिल के दौरे के मामलों में कम से कम दो से तीन गुना वृद्धि देखी है। हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा तब आता है, जब हार्ट में खून को फ्लो कम हो जाता या रूक जाता है। ऐसा तब होता है जब कोरोनरी धमनियों में वसा और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ने लगती है और वे धमनियों में खून को जाने से रोकते हैं।

'साइलेंट किलर' से बचाव

अगर आपको हार्ट अटैक का कोई सामान्य लक्षण भी महसूस हो, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। इसलिए इन खतरनाक संकेतों को समझकर ही साइलेंट हार्ट अटैक से बचा जा सकता है। अगर आप रोजाना या सप्ताह में कुछ दिन जमकर कसरत करते हैं तो यह काफी अच्छी बात है। लेकिन एक्सरसाइज करने के अलावा दिन भर कहीं पर बैठे या घर पर लेटे हुए रहते हैं तो यह परेशानी की बात है।

दिल को मजबूत रखने के लिए इंसान को हमेशा एक्टिव रहना चाहिए। अगर आप किसी दफ्तर में डेस्क जॉब करते हैं तो हर घंटे थोड़ी दूर चल लें, इससे आप एक्टिव महसूस करते रहेंगे। तनाव और ज्यादा नशा करने से हार्ट की मायकार्डियल मांसपेशी कमजोर हो जाती है। इसी मांसपेशी से हार्ट का निर्माण होता है। इसके कमजोर होने से धड़कन की गति असामान्य हो जाती है और कार्डियक फेलियर का खतरा बढ़ जाता है।

30-60 मिनट करें एक्सरसाइज

डॉक्टारों का कहना है कि रोजाना कम से कम 30-60 मिनट एक्सरसाइज करने के अलावा धूम्रपान या तंबाकू के सेवन से बचना चाहिए। लोगों को दिल से स्वस्थ आहार खाना चाहिए जैसे कि विटामिन डी के साथ ओमेगा 3 और ओमेगा 6 का सेवन और वजन बनाए रखना चाहिए। बीमारी से दूर भागना इंसान की फितरत है, लेकिन कई बार यह नुकसान दे जाती है।

अपने हार्ट को ठीक रखने के लिए किसी दिन या समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। हार्ट की परेशानियों से बचने के लिए कसरत कीजिए। अच्छा खाइए और अपने ब्लड प्रेशर, कॉलेस्ट्रोल और ब्लड शुगर का अपडेट लेते रहिए। डॉक्टर सलाह देते हैं कि किसी भी तरह के लक्षणों को कभी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

दिल की बीमारियों से बचने के लिए इंसान को खानपान का ध्यान रखना काफी जरूरी है। अगर आप तला-भुना खाना ज्यादा खाते हैं तो आज ही बंद कर दीजिए, ये आपको मौत की ओर ले जा सकता है। अगर भविष्य में कार्डियक अरेस्ट जैसी स्थितियों से बचना चाहते हैं तो इस तरह से खानपान का ध्यान रखें, जिससे आपका हार्ट ठीक रहे।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।