Constitution Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संविधान दिवस के अवसर पर शुक्रवार को कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर परोक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि जो राजनीतिक दल अपना लोकतांत्रिक चरित्र खो चुके हैं, वह लोकतंत्र की रक्षा नहीं कर सकते हैं। संसद के केंद्रीय कक्ष में संविधान दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पारिवारिक पार्टियों को संविधान के प्रति समर्पित राजनीतिक दलों के लिए चिंता का विषय बताया।
वंशवादी पार्टियों पर हमला
प्रधानमंत्री मोदी ने वंशवादी पार्टियों पर हमला बोलते हुए कहा कि योग्यता के आधार पर एक परिवार से एक से अधिक लोग जाएं, इससे पार्टी परिवारवादी नहीं बन जाती है। लेकिन एक पार्टी पीढ़ी दर पीढ़ी राजनीति में है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसे संकट की ओर बढ़ रहा है, जो संविधान को समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है, लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है और वो है पारिवारिक पार्टियां।
पीएम मोदी ने कहा कि देश में एक संवैधानिक लोकतांत्रिक परंपरा है और इसमें राजनीतिक दलों का अपना एक महत्व है। राजनीतिक दल भी हमारे संविधान की भावनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रमुख माध्यम हैं, लेकिन संविधान की भावना को चोट तब पहुंचती है, जब राजनीतिक दल अपना लोकतांत्रिक चरित्र खो देते हैं। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जो दल स्वयं लोकतांत्रिक चरित्र खो चुके हो, वह लोकतंत्र की रक्षा कैसे कर सकते हैं?
पार्टी फॉर द फैमिली... पार्टी बाय द फैमिली
उन्होंने कहा कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक हिंदुस्तान के हर कोने में जाइए...आज भारत एक ऐसे संकट की तरफ बढ़ रहा है जो संविधान के समर्पित लोगों के लिए चिंता का विषय है। लोकतंत्र के प्रति आस्था रखने वालों के लिए चिंता का विषय है और वह है पारिवारिक पार्टियां।
उन्होंने कहा कि पार्टी फॉर द फैमिली... पार्टी बाय द फैमिली... अब आगे कहने की जरूरत नहीं लगती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि दी स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया।
26/11 के शहीदों को दी श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने मुंबई आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि हमारे लिए 26/11 दुखद दिन, क्योंकि इस दिन देश के दुश्मनों ने मुंबई में आतंकवादी हमले को अंजाम दिया था। मोदी ने 26/11 को मुंबई में हुए आतंकवादी हमले के दौरान देश की रक्षा करते हुए प्राण न्यौछावर करने वाले सुरक्षा कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
आपको बता दें कि संविधान दिवस 26 नवंबर को मनाया जाता है, क्योंकि 1949 में इसी दिन संविधान सभा ने भारत के संविधान को स्वीकार किया था। संविधान दिवस की शुरुआत 2015 से की गई थी। भारत का संविधान 26 जनवरी, 1950 को लागू हुआ था।