सत्तर के दशक में जयप्रकाश नारायण ने संपादक सह समाजसेवी बीजी वर्गीज की मदद से बिहार के एक खास पिछड़े इलाके को विकसित करने की कोशिश की थी। पर, वह कोशिश भी विफल रही। तब के मुख्यमंत्री कर्पूरी ठाकुर भी उस कोशिश के साथ थे। किंतु ताकतवर निहितस्वार्थी तत्वों के समक्ष वह कोशिश विफल रही। निराश बीजी वर्गीज जब बिहार छोड़ रहे थे तो उनकी आंखों में आंसू थे। हिन्दुस्तान टाइम्स और द इंडियन एक्सप्रेस के संपादक रहे वर्गीज सन 1966 से 1969 तक प्रधानमंत्री के सूचना सलाहकार भी रह चुके थे।
