पंजाब विधानसभा ने गुरुवार को केंद्र की अग्निपथ रक्षा भर्ती योजना के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान (Bhagwant Mann) ने अग्निपथ रक्षा भर्ती योजना के खिलाफ राज्य विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव के अनुसार, सदन राज्य सरकार से यह मामला केंद्र सरकार के समक्ष उठाने की सिफारिश करता है ताकि अग्निपथ योजना को तत्काल वापस लिया जा सके।
सीएम मान ने प्रस्ताव को पढ़ते हुए कहा कि भारत सरकार द्वारा अग्निपथ योजना पर एकतरफा घोषणा ने पंजाब सहित सभी राज्यों में व्यापक प्रतिक्रियाएं देखी हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब विधानसभा का मानना है कि ऐसी योजना जिसमें युवाओं को केवल चार साल के लिए नौकरी पर रखा जाएगा, वह न तो राष्ट्रीय सुरक्षा और न ही देश के युवाओं के हित में है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नीति से युवाओं के बीच असंतोष पैदा होने की आशंका है जो जीवनभर देश के सशस्त्र बलों में सेवा देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यह गौर किया जाना चाहिए कि पंजाब के एक लाख से अधिक सैनिक देश के सशस्त्र बलों में हैं। उनमें से कई हर साल देश की सीमाओं पर अपनी जान की बाजी लगाते हैं।
मान ने आगे कहा कि पंजाब के युवक भारतीय सशस्त्र बलों में सेवा देने को गर्व और सम्मान की बात मानते हैं और अपनी वीरता एवं साहस के लिए प्रसिद्ध हैं। इस योजना ने पंजाब के कई युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है, जो नियमित सैनिक के तौर पर सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहते हैं।
आपको बता दें कि अग्निपथ योजना के तहत सरकार साढ़े 17 से 21 वर्ष के युवाओं को 4 साल के कार्यकाल के लिए सशस्त्र बलों में भर्ती करेगी, जिसमें से 25 प्रतिशत को बाद में नियमित सेवा में लिया जाएगा। हालांकि, 2022 के लिए अग्निपथ योजना के तहत (सशस्त्र बल में) भर्ती किए जाने वालों की उम्र सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी गई है।
केंद्र द्वारा हाल ही में घोषित यह योजना सशस्त्र बलों में 4 साल की अल्पकालिक सेवा का प्रावधान करती है, जबकि रंगरूटों में से 25 प्रतिशत को करीब 15 वर्षों की नियमित सेवा के लिए सैन्य बलों में बरकरार रखा जाएगा।
एयर चीफ मार्शल चौधरी ने कहा कि सरकार सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए हाल में अग्निपथ योजना लाई है। योजना के लिए न्यूनतम उम्र साढ़े 17 वर्ष और अधिकतम उम्र सीमा 21 साल है। मैं यह सूचित करते हुए खुश हूं कि पहली भर्ती के लिए ऊपरी उम्र सीमा बढ़ा कर 23 साल कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि इस बदलाव से युवाओं का एक बड़ा हिस्सा अग्निवीर के रूप में भर्ती हो सकेगा। नई योजना के तहत 4 साल के सेवाकाल के दौरान करीब ढाई महीने से 6 महीने तक की ट्रेनिंग अवधि होगी। भारतीय वायु सेना को अग्निपथ भर्ती योजना के तहत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू होने के बाद 6 दिन के भीतर दो लाख से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए हैं।