Sambhal Violence: हिंसा प्रभावित संभल जा रहे हैं राहुल गांधी, पीड़ितों से करेंगे मुलाकात, पत्थरबाजी और आगजनी में 4 लोगों मौत

Sambhal Violence: संभल की विवादित जामा मस्जिद परिसर में रविवार 24 नवंबर को सर्वे के दौरान भड़की हिंसा के तीसरे दिन मंगलवार को हालात में सुधार देखने को मिला और स्कूल भी खुले। संभल में रविवार जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हालत खराब हो गई, जिसमें पत्थर बाजी और आगजनी की घटना में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 20 लोग घायल हो गए

अपडेटेड Nov 26, 2024 पर 2:09 PM
Sambhal Violence: राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ संभल के लिए रवाना हो गए हैं

Sambhal Violence: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उत्तर प्रदेश के हिंसा प्रभावित जिला संभल जा रहे हैं। कांग्रेस नेता इस दौरान मृतकों के परिजनों से मुलाकात करेंगे। संभल में पथराव और आगजनी की घटना पर कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने मंगलवार (26 नवंबर) को कहा, "राहुल गांधी कांग्रेस पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ संभल के लिए रवाना हो गए हैं। वह सीधे संसद से निकले हैं।" इससे पहले मंगलवार को दिन में सहारनपुर के विधायक इमरान मसूद ने भी कहा था कि राहुल गांधी जल्द ही संभल का दौरा करेंगे। राहुल गांधी ने सोमवार को संभल में हिंसा के लिए राज्य की भारतीय जनता पार्टी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट को तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए।

उन्होंने दावा किया कि प्रशासन द्वारा सभी पक्षों को सुने बिना और संवेदनहीनता के साथ कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, संभल में मुगलकालीन मस्जिद का अदालत के आदेश पर हो रहे सर्वेक्षण का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच रविवार 24 नवंबर को हुई झड़प में चार लोगों की मौत हो गई और करीब 20 सुरक्षाकर्मियों सहित कई अन्य घायल हो गए।

राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया, "संभल में हालिया विवाद पर राज्य सरकार का पक्षपात और जल्दबाज़ी भरा रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंसा और गोलीबारी में जिन्होंने अपनों को खोया है उनके प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं।" उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा सभी पक्षों को सुने बिना और संवेदनहीनता से की गई कार्रवाई ने माहौल और बिगाड़ दिया। उनके अनुसार, यह कार्रवाई कई लोगों की मृत्यु का कारण बनी जिसके लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार बीजेपी सरकार है।


कांग्रेस नेता ने कहा, "भाजपा का सत्ता का उपयोग हिंदू-मुसलमान समाजों के बीच दरार और भेदभाव पैदा करने के लिए करना न प्रदेश के हित में है, न देश के। मैं उच्चतम न्यायालय से इस मामले में जल्द से जल्द हस्तक्षेप कर न्याय करने का अनुरोध करता हूं।" उन्होंने यह भी कहा, "मेरी अपील है कि शांति और आपसी सौहार्द बनाए रखें। हम सबको एक साथ जुड़ कर यह सुनिश्चित करना है कि भारत सांप्रदायिकता और नफ़रत नहीं, एकता और संविधान के रास्ते पर आगे बढ़े।"

वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी सुप्रीम कोर्ट से संभल के मामले का संज्ञान लेने का आग्रह किया। उन्होंने X पर पोस्ट किया, "संभल में अचानक उठे विवाद को लेकर राज्य सरकार का रवैया बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इतने संवेदनशील मामले में बिना दूसरा पक्ष सुने, बिना दोनों पक्षों को विश्वास में लिए प्रशासन ने जिस तरह ​हड़बड़ी के साथ कार्रवाई की, उससे साफ है कि सरकार ने खुद माहौल खराब किया। प्रशासन ने जरूरी प्रक्रिया और कर्तव्य का पालन भी जरूरी नहीं समझा।"

उनका कहना है, "सत्ता में बैठकर भेदभाव, अत्याचार करने और फूट डालने का प्रयास करना न जनता के हित में है, न देश के हित में।" प्रियंका गांधी ने कहा, "माननीय उच्चतम न्यायालय को इस मामले का संज्ञान लेकर न्याय करना चाहिए। प्रदेश की जनता से मेरी अपील है कि हर हाल में शांति बनाए रखें।"

संभल जिले में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा के मामले में समाजवादी पार्टी (सपा) के क्षेत्रीय सांसद जियाउर्रहमान बर्क और संभल सदर सीट से सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इस मामले में अब तक कुल सात मुकदमे दर्ज करके 25 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

ये भी पढे़ं- संभल में तमंचे की गोली से हुई 4 लोगों की मौत! शाही जामा मस्जिद कमेटी के अध्यक्ष जफर अली से पुलिस ने की पूछताछ

संभल के SP कृष्ण कुमार विश्नोई ने जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया के साथ संयुक्त पत्रकार वार्ता में बताया कि हिंसा में घायल हुए दारोगा दीपक राठी ने 800 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है जिनमें बर्क और इकबाल महमूद के बेटे सुहेल इकबाल को नामजद किया गया है। उन्होंने बताया, "FIR में इनपर आरोप लगाया गया है कि इन लोगों ने भीड़ को भड़काकर बलवे का रूप दिया।"

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।