Defamation Case: पुणे की एक विशेष अदालत ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित मानहानि के एक मामले में शुक्रवार (10 जनवरी) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जमानत दे दी। यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने पिछले साल की शुरुआत में लंदन में एक भाषण के दौरान दिवंगत स्वतंत्रता सेनानी के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की थी।
MP/MLA कोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत में पेश होने के बाद 25,000 रुपये के जमानती बॉण्ड पर जमानत दे दी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोहन जोशी अदालत में जमानतदार के रूप में पेश हुए।
राहुल गांधी का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील मिलिंद पवार ने कहा कि अदालत ने कांग्रेस नेता को अपने समक्ष उपस्थित होने से स्थायी छूट भी प्रदान की है। पवार ने बताया कि मामले की सुनवाई अब 18 फरवरी को होगी। पीटीआई के मुताबिक, यह मामला सावरकर के पोते की शिकायत पर दर्ज किया गया था।
मार्च 2023 में लंदन में रायबरेली से लोकसभा सांसद गांधी द्वारा दिए गए भाषण से संबंधित है। गांधी ने अपने भाषण में स्वतंत्रता सेनानी द्वारा लिखी गई एक किताब का हवाला देते हुए उन पर कुछ टिप्पणियां की थीं। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की।
राहुल गांधी को लखनऊ कोर्ट ने भी किया था तलब
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की वीर सावरकर के बारे में कथित भड़काऊ टिप्पणी को लेकर दर्ज मामले के संबंध में लखनऊ की एक अदालत ने पिछले महीने दिसंबर में पेश होने के लिए समन जारी किया है। यह मामला दिसंबर 2022 में गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों से उपजा है। उनके बयान को प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी के प्रति भड़काऊ और अपमानजनक माना गया है।
लखनऊ में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) कोर्ट ने कथित तौर पर नफरत और वैमनस्य को बढ़ावा देने के इरादे से बयान देने के लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 153 (A) और 505 के तहत राहुल गांधी को तलब किया था। यह मामला वकील नृपेंद्र पांडे ने दायर किया था, जिन्होंने गांधी पर 17 दिसंबर, 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीर सावरकर को बदनाम करने का आरोप लगाया था।