Parliament Session 2024: लोकसभा में अपने भाषण के कुछ हिस्सों को संसद के रिकॉर्ड से हटाए जाने के कुछ घंटों बाद राहुल गांधी ने स्पीकर ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा कि हटाए गए हिस्से नियम 380 के दायरे में नहीं आते हैं। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण से हटाई गई टिप्पणियों और अंशों को लेकर सोमवार (2 जुलाई) को स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा। कांग्रेस सांसद ने राहुल गांधी ने ओम बिरला को लिखे पत्र में स्पीकर से हटाए गए अपने बयानों को बहाल करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि चुनिंदा तरीके से कार्यवाही से भाषण के अंश हटाना तर्कसंगत नहीं, हटाए गए अंशों को फिर से कार्यवाही में शामिल किया जाए।
राहुल गांधी ने पत्र में लिखा, "यह देखकर स्तब्ध हूं कि जिस तरह से मेरे भाषण के काफी हिस्से को निष्कासन की आड़ में कार्यवाही से हटा दिया गया है...मेरी सुविचारित टिप्पणियों को रिकॉर्ड से हटा देना संसदीय लोकतंत्र के सिद्धांतों के खिलाफ है।" कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने अपने भाषण में सदन को जो कुछ भी बताया वह "जमीनी हकीकत और तथ्यात्मक स्थिति" है।
उन्होंने कहा, "मैं यह बात 1 जुलाई 2024 को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान मेरे भाषण से निकाली गई टिप्पणियों और अंशों के संदर्भ में लिख रहा हूं। हालांकि, एक स्पीकर को सदन की कार्यवाही से कुछ टिप्पणियों को निकालने का अधिकार है, लेकिन शर्त केवल उन शब्दों की है, जिनकी प्रकृति लोकसभा में प्रक्रिया और कार्य संचालन नियमों के नियम 380 में निर्दिष्ट की गई है।"
राहुल ने कहा, "हालांकि, मैं यह देखकर हैरान हूं कि मेरे भाषण के एक बड़े हिस्से को निकालने की आड़ में कार्यवाही से हटा दिया गया है।" मैं 2 जुलाई की लोक सभा की बिना सुधारी गई बहस के प्रासंगिक अंश संलग्न कर रहा हूं। मैं यह कहने के लिए बाध्य हूं कि हटाए गए अंश नियम 380 के दायरे में नहीं आते हैं। मैं सदन में जो संदेश देना चाहता था, वह जमीनी हकीकत है, तथ्यात्मक स्थिति है। सदन का प्रत्येक सदस्य जो उन लोगों की सामूहिक आवाज का प्रतिनिधित्व करता है, जिनका वह प्रतिनिधित्व करता है, उसे भारत के संविधान के आर्टिकल 105(1) में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्राप्त है। सदन में लोगों की चिंताओं को उठाना प्रत्येक सदस्य का अधिकार है।"
"सच्चाई एक्सपंज हो सकती है, वास्तविकता में नहीं"
इससे पहले राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान उनके भाषण के कुछ अंशों को कार्यवाही से हटाए जाने के बाद मंगलवार सुबह पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दुनिया में सच्चाई 'एक्सपंज' हो सकती है, लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं हो सकता।
उन्होंने संसद भवन परिसर में मीडियाकर्मियों से कहा, "मोदी जी की दुनिया में सच्चाई एक्सपंज हो सकती है, लेकिन वास्तविकता में सच्चाई एक्सपंज नहीं हो सकती। जो मुझे कहना था, मैंने कह दिया। वह सच्चाई है। जितना एक्सपंज करना है करें, सच्चाई तो सच्चाई होती है।"
राहुल गांधी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर देश में सांप्रदायिक आधार पर विभाजन पैदा करने का आरोप लगाया था जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने जोरदार तरीके से विरोध जताया था। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पूरे हिंदू समाज को हिंसक कहना बहुत गंभीर विषय है।
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष की ओर से चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा था कि हिंदू कभी हिंसा नहीं कर सकता, कभी नफरत और डर नहीं फैला सकता। उनके भाषण के कुछ अंश सदन की कार्यवाही से आसन के निर्देशानुसार हटा दिए गए हैं, जिसे लेकर एक नया सियासी घमासान शुरू हो गया है।