Ram Mandir Inauguration: रामलला मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास (Acharya Satyendra Das) ने मंगलवार को कहा कि सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) और राहुल गांधी (Rahul Gandhi) भगवान राम को "काल्पनिक" मानते हैं, लिहाजा उन्हें 22 जनवरी को राम मंदिर (Ram Mandir) के समारोह में आमंत्रित नहीं किया जाना चाहिए। अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण कार्ड सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को भेजे गए।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, दास ने कहा, "जो लोग राम को नकार रहे हैं और कह रहे हैं कि राम काल्पनिक हैं और सनातन धर्म की निंदा की, ऐसे लोगों को कभी भी निमंत्रण पत्र नहीं देना चाहिए। जो निमंत्रण पत्र दिया है, वो गलत है। जब वे राम को काल्पनिक मानते हैं, तो ऐसे लोगों को बुलाना ही नहीं चाहिए। जो रामभक्त हैं, ऐसे लोगों को निमंत्रण देना चाहिए।"
उन्होंने आगे कहा, "ऐसे लोग बहुत हैं। निमंत्रण कार्ड देने के बाद भी, कुछ लोग दावा कर रहे हैं कि उन्हें कोई निमंत्रण नहीं मिला। सोनिया गांधी और राहुल गांधी भगवान राम में विश्वास नहीं करते हैं। उन्हें निमंत्रण पत्र नहीं दिया जाना चाहिए।"
वहीं पार्टी सूत्रों ने कहा कि निमंत्रण कार्ड मंदिर ट्रस्ट के एक वरिष्ठ प्रतिनिधि ने उन दोनों को अपने हाथों से दिए थे।
कांग्रेस ने नहीं बताया कौन जाएगा अयोध्या
पिछले हफ्ते ही कांग्रेस ने बताया था कि राम मंदिर समारोह में सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे में से कौन जाएगा, इसका निर्णय सही समय पर लिया जाएगा और सूचित किया जाएगा।
सोनिया गांधी के अलावा, कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी को भी राम मंदिर उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया है।
पार्टी के मीडिया प्रमुख जयराम रमेश ने कहा, “कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को राम मंदिर के उद्घाटन के लिए आमंत्रित किया गया है। उचित समय पर निर्णय लिया जाएगा और उचित समय पर सूचित किया जाएगा।"
साथ ही उन्होंने पार्टी को वरिष्ठ नेता सैम पित्रोदा के उस बयान से भी खुद को दूर कर लिया, जिसमें उन्होंने पूछा था, "क्या राम मंदिर असली मुद्दा था या बेरोजगारी थी?"