Shashi Tharoor News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल में सत्तारूढ़ LDF सरकार की तारीख करने पर कांग्रेस के साथ दरार की अफवाहों के बीच शशि थरूर ने कहा है कि वह पार्टी के लिए उपलब्ध हैं। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि अगर पार्टी को उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं है तो उनके पास दूसरे 'विकल्प' मौजूद हैं। केरल के तिरुवनंतपुरम से चार बार के सांसद थरूर ने हालांकि पार्टी बदलने की चर्चाओं को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि भले ही कांग्रेस में उनके विचारों में मतभेद हों, लेकिन वह पार्टी छोड़ने में विश्वास नहीं करते। थरूर ने हाल ही में केरल की वामपंथी विजयन सरकार की नीतियों और पीएम मोदी के अमेरिकी यात्रा की तारीफ की थी। इसके बाद कांग्रेस में बवाल मच गया था।
'द इंडियन एक्सप्रेस' के मलयालम पॉडकास्ट में थरूर ने कहा कि उनके पास 'संकीर्ण राजनीतिक विचार' हैं। वह खुद को राजनेता नहीं मानते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को नए मतदाताओं को जोड़ने के लिए केरल में अपना आधार बढ़ाने की जरूरत है। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई में नेता की कमी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कई कांग्रेस सदस्य उनके इस विचार से सहमत हैं कि पार्टी की केरल इकाई में स्पष्ट नेता की कमी है।
स्वतंत्र संगठनों द्वारा किए गए जनमत सर्वे का हवाला देते हुए उन्होंने दावा किया कि इन सर्वेक्षणों ने उन्हें राज्य के नेतृत्व के मामले में दूसरों से आगे रखा है। तिरुवनंतपुरम सांसद ने आगाह किया कि अगर कांग्रेस अपनी अपील को व्यापक बनाने में विफल रही, तो उसे केरल में लगातार तीसरी बार विपक्ष में बने रहने का जोखिम उठाना पड़ सकता है।
इससे पहले दिन में थरूर ने अपने और कांग्रेस के बीच मतभेद के बारे में मीडिया के सवालों को टाल दिया। आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में भारत Vs पाकिस्तान मुकाबले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "कोई टिप्पणी नहीं, मैच देखने जाएं। आज का मैच महत्वपूर्ण है।"
राहुल गांधी से की थी मुलाकात
कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्य शशि थरूर ने बुधवार को कहा था कि 18 फरवरी को नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ उनकी 'बहुत सार्थक बातचीत' हुई। उन्होंने कहा कि एक अंग्रेजी अखबार में उनके आर्टिकल के आधार पर एक मुद्दे को लेकर बहुत ज्यादा बवाल मचाया जा रहा है। राहुल गांधी के साथ बैठक के बाद नई दिल्ली से लौटने पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि आधे घंटे की बातचीत के दौरान वह कुछ प्रमुख मुद्दों पर बात कर पाए।
बार-बार पूछे जाने पर तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य थरूर ने कहा कि वह बंद कमरे में हुई इस मुलाकात के बारे में और जानकारी नहीं दे सकते। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों या केरल में नेताओं की भूमिका के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई। अपने आर्टिकल को लेकर केरल में कांग्रेस नेताओं की ओर से लगातार आलोचना के बारे में पूछे जाने पर थरूर ने कहा कि वह विवाद का कारण नहीं समझ पा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी में उन्हें दरकिनार किए जाने की शिकायत की है। तो थरूर ने कहा कि मैंने कभी किसी के खिलाफ कोई शिकायत नहीं की।
केरल में कांग्रेस पार्टी के मुखपत्र 'वीक्षणम डेली' ने इस मुलाकात से पहले शशि थरूर की आलोचना करते हुए एक संपादकीय प्रकाशित किया था। संपादकीय में थरूर का नाम लिए बिना ही राज्य की वामपंथी सरकार में उद्यमशीलता के विकास की तारीफ करने के लिए उन पर निशाना साधा गया था। आर्टिकल में उनसे कहा गया कि वह आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं की उम्मीदों को न तोड़ें।