पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम और शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल पर हुए जानलेवा हमला हुआ है। इस हमले का वीडियो भी सामने आया है। सुखबीर बादल पर अमृतसर मंदिर में गेट के बाहर फायरिंग की गई। फिलहाल बादल इस हमले में बाल-बाल बच गए हैं। वीडियो में दिख रहा है कि एक शख्स रिवॉल्वर निकालकर सुखबीर सिंह बादल पर फायरिंग करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, वहां खड़े शख्स उसे रोक देते हैं। यह हमला तब हुआ, जब सुखबीर सिंह बादल सहित शिरोमणि अकाली दल के नेता 2 दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा उनके लिए घोषित धार्मिक दंड के तहत 'सेवा' कर रहे थे।
सुखबीर के पैर में फैक्चर है, इसलिए वो व्हीलचेयर पर बैठे थे और हाथ में भाला लिए चौकीदारी कर रहे थे। हमलावर का नाम नारायण सिंह चौरा बताया जा रहा है। वो बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का आतंकवादी रहा है। मौके पर मौजूद लोगों ने हमलावर को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया है। इस हमले से सुखबीर सिंह बादल को कोई नुकसान नहीं हुआ है।
जानिए कौन है नारायण सिंह?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमला करने वाला नारायण सिंह चौरा बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) का आतंकवादी रहा है। नारायण चौरा 1984 में पाकिस्तान गया था। आतंकवाद के शुरुआती दौर में पंजाब में हथियारों और विस्फोटकों की बड़ी खेप की तस्करी में मदद करता था। पाकिस्तान में रहते हुए उसने कथित तौर पर गुरिल्ला युद्ध और देशद्रोही साहित्य पर एक किताब भी लिखी है। वो बुड़ैल जेलब्रेक मामले में भी आरोपी है। नारायण इससे पहले पंजाब की जेल में सजा काट चुका है। वो खालिस्तान लिबरेशन फोर्स और अकाल फेडरेशन से जुड़ा हुआ था। उस पर करीब एक दर्जन मामले दर्ज हैं। नारायण सिंह चौरा चंडीगढ़ जेल ब्रेक कांड का भी आरोपी है।
सुखबीर बादल को क्या सुनाई गई सजा?
सिख समाज की 'सुप्रीम अदालत' यानी श्री अकाल तख्त साहिब ने सुखबीर बादल को धार्मिक सजा सुनाई है। जिसमें बादल गुरुद्वारे में सेवादारी करेंगे। बर्तन धोएंगे और पहरेदारी भी करेंगे। श्री दरबार साहिब में बने सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई भी करेंगे। जत्थेदार श्री अकाल तख्त ने बादल और उनकी पार्टी के नेताओं पर 2007 से लेकर 2017 तक अकाली दल की सरकार के समय धार्मिक गलतियों पर सजा सुनाई है। उसी सजा की भरपाई में अकाली नेता सेवा कर रहे हैं।