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सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को भेजा नोटिस, चुनाव प्रचार के दौरान मुफ्त ऐलान से रद्द हो सकता है पार्टी का रजिस्ट्रेशन

पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें कहा गया था कि चुनाव प्रचार के दौरान मुफ्त में सुविधाएं देने का वादा करने वाली पार्टियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाए

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 04, 2022 पर 2:08 PM
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग को भेजा नोटिस, चुनाव प्रचार के दौरान मुफ्त ऐलान से रद्द हो सकता है पार्टी का रजिस्ट्रेशन
चुनाव में मुफ्त उपहार बांटने या वादा करने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक पार्टियां आम लोगों से अधिक से अधिक वायदे करती हैं। इसमें से कुछ वादे मुफ्त में सुविधाएं या अन्य चीजें बांटने को लेकर होती हैं। अब इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सख्त हो गया है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने आज इसे लेकर केंद्र सरकार (Centre) और चुनाव आयोग (Election Commission of India) को नोटिस जारी किया है।

पिछले हफ्ते सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की गई थी, जिसमें ऐसे राजनीतिक दलों के रजिस्ट्रेशन रद्द करने और उनके चुनाव चिंह जब्त करने की मांग की गई है, जो मतदाताओं को मुफ्त में सुविधाएं देने के वादे कर रहे हैं।

इस याचिका में कहा गया है कि राजनीतिक लाभ हासिल करने के लिए पब्लिक फंड से चुनाव से पहले वोटरों को लुभाने के लिए मुफ्त उपहार देने का वादा करने या मुफ्त उपहार बांटना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के खिलाफ है। यह वोटरों को प्रभावित करने और लुभाने का प्रयास है। इससे चुनाव प्रक्रिया प्रदूषित होती है। याचिकाकर्ता ने कहा कि इससे चुनाव मैदान में एक समान अवसर के सिद्धांत प्रभावित होते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर जनता के पैसे से मुफ्त में चीजें या सुविधाएं देने का चुनावी वादा करने वाली राजनीतिक पार्टियों के खिलाफ एक्शन लेने को लेकर गाइडलाइंस जारी करने को कहा है।

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