तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (K Chandrashekhar Rao) ने रविवार को केंद्र सरकार से सितंबर 2019 में पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक (surgical strike) पर सबूत मांगा। चंद्रशेखर राव ने कहा कि राहुल गांधी द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने में कुछ भी गलत नहीं था। यही नहीं मैं भी सबूत मांग सकता हूं।
उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले सीमाओं पर गड़बड़ी की आशंका बताई जाती है। हम जानते हैं कि बीजेपी राजनीतिक उद्देश्यों के लिए सर्जिकल स्ट्राइक का उपयोग कैसे कर सकती है।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक सर्जिकल स्ट्राइक से एक सवाल पर राव ने कहा, "आज भी, मैं सबूत मांग रहा हूं। भारत सरकार को सबूत दिखाने दो। बीजेपी झूठा प्रचार करती है इसलिए लोग इसके लिए पूछ रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "बीजेपी राजनीतिक रूप से सर्जिकल स्ट्राइक का इस्तेमाल कर रही है। सेना सीमा पर लड़ रही है। अगर कोई मर रहा है, तो वह सेना के जवान हैं, और उन्हें इसका श्रेय दिया जाना चाहिए, बीजेपी को नहीं।"
राव की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब सर्जिकल स्ट्राइक पर सबूत के मुद्दे पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उनका विवाद चल रहा है।
असम के मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को कहा था, ''इन लोगों की मानसिकता देखिए। जनरल बिपिन रावत देश के गौरव थे। उनके नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक की। राहुल गांधी ने स्ट्राइक का सबूत मांगा। क्या हमने कभी पूछा आप राजीव गांधी के बेटे हैं या नहीं। इस बात के सबूत के लिए आपको मेरी सेना से सबूत मांगने का क्या अधिकार है?"
सरमा की टिप्पणियों के बाद, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी प्रमुख जेपी नड्डा से राहुल गांधी पर उनकी टिप्पणियों पर असम के सीएम को बर्खास्त करने का आग्रह किया। केसीआर पर पलटवार करते हुए सरमा ने राव पर निशाना साधते हुए कहा कि यह उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
सरमा ने कहा, "मेरा मानना है कि सेना से सवाल करना कि उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक की है या नहीं, यह सबसे बड़ा अपराध है। वह (तेलंगाना के सीएम केसीआर) कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर मेरी टिप्पणी से उत्तेजित हुए, लेकिन हमारी सेना पर राहुल गांधी की टिप्पणी से नहीं।"
बीजेपी ने केसीआर के बयान को गैर जिम्मेदाराना करार देते हुए कहा कि यह स्टेटमेंट पुलवामा समेत देश के शहीदों की शहादत का अपमान है। बता दें कि भारतीय सेना ने सितंबर 2016 में उरी में बेस कैंप में भारतीय सेना के 19 जवानों के मारे जाने के बाद पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में सर्जिकल स्ट्राइक की थी।