Swati Maliwal Case: केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, 50 गवाहों के नाम दर्ज

Swati Maliwal Assault Case: चार्जशीट मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गौरव गोयल की कोर्ट में दाखिल की गई, जिन्होंने कुमार की न्यायिक हिरासत भी 30 जुलाई तक बढ़ा दी। अदालत में मंगलवार की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सूचित किया कि करीब 500 पन्नों का आरोप पत्र है और इसमें 50 गवाहों के बयान भी शामिल हैं

अपडेटेड Jul 17, 2024 पर 10:46 AM
Swati Maliwal Assault Case: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के करीबी सहयोगी बिभव कुमार को 18 मई को गिरफ्तार किया गया था

Swati Maliwal Assault Case: आम आदमी पार्टी (AAP) की राज्यसभा सदस्य स्वाति मालीवाल के साथ कथित मारपीट के मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सहयोगी बिभव कुमार के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 500 पन्नों का आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। आरोप पत्र मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गौरव गोयल की अदालत में मंगलवार 16 जुलाई को दाखिल किया गया। इसके साथ ही कोर्ट ने कुमार की न्यायिक हिरासत भी 30 जुलाई तक के लिए बढ़ा दी है। कुमार पर 13 मई को मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास में स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट करने का आरोप है।

फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं। चार्जशीट मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट गौरव गोयल की कोर्ट में दाखिल की गई, जिन्होंने कुमार की न्यायिक हिरासत भी 30 जुलाई तक बढ़ा दी। अदालत में मंगलवार की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने सूचित किया कि करीब 500 पन्नों का आरोप पत्र है और इसमें 50 गवाहों के बयान भी शामिल हैं। कुमार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि 30 जुलाई को उनकी शारीरिक उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, जब चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बारे में फैसला लिया जाएगा।

चार्जशीट में ये धाराएं शामिल


पीटीआई के मुताबिक, अंतिम रिपोर्ट भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत दायर की गई है। इनमें धारा 201 (अपराध के साक्ष्य को गायब करना), 308 (गैर इरादतन हत्या का प्रयास), 341 (गलत तरीके से रोकना), 354 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उस पर हमला या आपराधिक बल का प्रयोग), 354 B (महिला का वस्त्र हरण करने के इरादे से उसके खिलाफ बल प्रयोग), 506 (आपराधिक धमकी) और 509 (किसी भी शब्द, हाव-भाव या वस्तु का उपयोग करके महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना) शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला?

दिल्ली के सिविल लाइन्स पुलिस थाना में 16 मई को FIR दर्ज की गई थी। जबकि आरोपी बिभव कुमार की गिरफ्तारी 18 मई को हुई थी। उन्हें उसी दिन मजिस्ट्रेट अदालत ने पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अदालत ने साथ ही टिप्पणी की कि कुमार की अग्रिम जमानत की अर्जी उनकी गिरफ्तारी के बाद अप्रभावी हो गई है।

अदालत ने 24 मई को उन्हें चार दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा और उसके बाद फिर से तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। महिला अपर पुलिस उपायुक्त स्तर की अधिकारी के नेतृत्व में टीम पूरे मामेले की जांच कर रही है।

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पिछले शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी कुमार को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि वह काफी प्रभावशाली हैं। जज ने कहा कि इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा करने से गवाह प्रभावित हो सकते हैं या सबूतों से छेड़छाड़ हो सकती है।

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