Lok Sabha elections 2024: टाइम्स ऑफ इंडिया ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के हवाले से बताया है कि जब के.चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली बीआरएस सत्ता में थी तब तेलंगाना के वर्तमान मुख्यमंत्री रेवेंथ रेड्डी पर नज़र रखने के लिए एक स्पेशल "रेवंत टीम" बनाई गई थी। इस टीम में 25 पुलिसकर्मी शामिल थे। उस समय रेवेंथ रेड्डी विपक्ष में थे। रेड्डी द्वारा तत्कालीन सीएम राव सहित बीआरएस नेताओं पर व्यक्तिगत हमले करने के बाद उन नजर रखनी शुरू कर दी गई थी।
रिपोर्ट के मुताबिक इस निगरानी का नेतृत्व करने के लिए "सबसे भरोसेमंद और कुशल अधिकारियों" को चुना गया और उन्हें रेड्डी पर नज़र रखने के लिए तमाम काम सौंपे गए। इस टीम ने कथित तौर पर रेड्डी के फोन को टैप किया, उनके बंजारा हिल्स स्थित घर के पास नजर रखी और यहां तक कि चुनाव के दौरान उनके अभियान के लिए वित्तीय सहायता की पेशकश करने वालों पर भी नजर रखी।
यह रिपोर्ट राज्य में उस राजनीतिक विवाद के बीच आई है जब सिरसिला (Sircilla) से के महेंद्र रेड्डी और महबूबनगर विधायक येन्नम श्रीनिवास रेड्डी सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने शिकायत की है कि विधानसभा चुनाव के दौरान उनके फोन अवैध रूप से टैप किए गए थे। सूत्रों ने टीओआई को बताया कि हालांकि सरकार ने कई विपक्षी नेताओं को निगरानी में रखी थी, लेकिन रेवेंथ रेड्डी मुख्य निशाने पर थे। वहीं, बीजेपी नेता एटाला राजेंदर इस निगरानी लिस्ट पर दूसरे नंबर पर थे।
इस रिपोर्ट में बताया गया है कि स्पेशल इंटेलीजेंस ब्यूरो (SIB)की खास "रेवंत टीम" 2018 से दिसंबर 2023 के दौरान विधानसभा के चुनाव परिणाम घोषित होने तक वर्तमान सीएम पर नज़र रख रही थी, तब वे विपक्ष में थे। आरोप है कि बीआरएस शासन के दौरान लगभग 100,000 फोन कॉलों की अवैध रूप से निगरानी की गई थी।