कड़ी सुरक्षा और कोरोना वायरस प्रोटोकॉल के सख्त अनुपालन के बीच उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों (Uttar Pradesh Panchayat Chunav Result 2021) के लिए मतगणना जारी है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, यूपी सरकार ने 829 मतगणना केंद्रों में से प्रत्येक के लिए एक नोडल अधिकारी को अधिसूचित किया है, जिनमें से अधिकतर सरकारी स्कूल हैं।
ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि मतगणना के लिए कर्मी, उम्मीदवार और उनके एजेंटों के साथ-साथ सुरक्षा कर्मियों, निर्दिष्ट कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें।
सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को कोरोना महामारी की स्थिति को देखते हुए मतगणना स्थगित करने की याचिका को खारिज कर दिया था। चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किए गए लगभग 600 शिक्षकों की कोरोनोवायरस संक्रमण से मृत्यु हो गई है। विभिन्न शिक्षकों के संघ ने पहले मतगणना का बहिष्कार करने की धमकी दी थी, आखिरकार शनिवार शाम को मुख्य सचिव से बातचीत के बाद उन्हें भरोसे में लिया गया।
मतदान के दौरान कोविड की वजह से शिक्षकों की मौत के आरोपों की जांच जारी है। यूपी सरकार ने फैसला किया है कि मतगणना केंद्रों के आसपास आम जनता की कोई भी जमावरा नहीं होने दिया जाएगा और मंगलवार सुबह तक राज्य में लगाए गए कर्फ्यू को सख्ती से लागू किया जाएगा।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव प्रक्रिया कुल 8,69,563 सीटों के लिए शुरू की गई थी, लेकिन वास्तविक मतदान केवल 2,41,451 सीटों पर होनी थी, क्योंकि बाकी निर्विरोध चुने गए थे।
- फिरोजाबाद में भीड़ को देखते हुए पुलिस ने एजेंटों पर लाठियां बरसाईं, जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।
- पंचायत चुनाव में BJP, सपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन जैसी राजनीतिक पार्टियों ने भी अपने प्रत्याशी उतारे हैं। हालांकि इन पार्टियों के उम्मीदवार पार्टी के चुनाव निशान पर नहीं, बल्कि आयोग द्वारा दिए गए व्यक्तिगत चुनाव चिह्नों पर मैदान में उतरे हैं।