जानें कौन हैं शिवसेना छोड़ BJP में आए राहुल नार्वेकर? पहली बार बने विधायक, अब संभालेंगे महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर की कुर्सी

Rahul Narwekar साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे। उन्होंने कांग्रेस के अशोक जगताप को हराकर पहली बार कोलाबा से विधानसभा चुनाव जीता

अपडेटेड Jul 03, 2022 पर 5:32 PM
दिलचस्प बात यह है कि नार्वेकर भी एक समय शिवसेना में थे

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता राहुल नार्वेकर (Rahul Narwekar) को रविवार को महाराष्ट्र विधानसभा का नया स्पीकर चुन लिया गया। नार्वेकर को 164 मत मिले, जबकि उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के प्रत्याशी राजन साल्वी को 107 वोट हासिल हुए। महाराष्ट्र में नई सरकार के गठन के बाद विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र रविवार को शुरू हुआ। इस दौरान विधानसभा स्पीकर का चुनाव हुआ।

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कांग्रेस नेता नाना पटोले के इस्तीफे के बाद फरवरी 2021 से ही महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर का पद खाली था। राहुल नार्वेकर के स्पीकर चुने जाने के बाद महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadanavis) ने कहा कि नार्वेकर देश में अब तक के सबसे युवा विधानसभा स्पीकर हैं।


कौन हैं राहुल नार्वेकर?

  • 2019 में हुए विधानसभा चुनाव में राहुल पहली बार विधायक बने हैं। महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर (Maharashtra Assembly Speaker) नार्वेकर मुंबई की कोलाबा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक हैं। उन्होंने 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अशोक जगताप को हराया था। नार्वेकर इस वक्त प्रदेश बीजेपी के मीडिया इंचार्ज भी हैं।
  • अतीत में उनका शिवसेना (Shiv Sena) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) से नाता रहा है। उनके ससुर और NCP नेता रामराजे नाइक निंबालकर (Ramraje Naik-Nimbalkar) महाराष्ट्र विधान परिषद के सभापति हैं। जबकि उनके भाई मकरंद कोलाबा से पार्षद हैं।
  • दिलचस्प बात यह है कि नार्वेकर भी एक समय शिवसेना में थे। शिवसेना द्वारा लोकसभा के लिए उनकी उम्मीदवारी खारिज करने के बाद वह 2014 में एनसीपी में शामिल हो गए थे। फिर साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले नार्वेकर बीजेपी में शामिल हो गए थे।
  • नार्वेकर 15 साल तक शिवसेना में रह चुके हैं। 2014 में वह महाराष्ट्र विधान परिषद का चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन शिवसेना ने इनकार कर दिया। इसके बाद वह शिवसेना से इस्तीफा देकर शरद पवार की अगुआई वाली NCP में शामिल हो गए।
  • 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान वह NCP के टिकट पर मावल सीट से मैदान में उतरे थे, लेकिन जीत नहीं पाए। उन्हें शिवसेना के श्रीरंग अप्पा बार्ने से शिकस्त मिली थी। उनके पिता सुरेश नार्वेकर भी बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में पार्षद थे। उनकी भाभी हर्षता भी BMC के वार्ड नंबर 226 से पार्षद हैं।

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