ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के पूर्व सहयोगी वीके पांडियन (VK Pandian) को कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ 5 T (Transformational Initiatives यानी परिवर्तनकारी पहल) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। पटनायक के भरोसेमंद निजी सचिव और ओडिशा के ताकतवर IAS वीके पांडियन के VRS को केंद्र की मंजूरी मिल गई है। पांडियन के सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) लेने के 24 घंटे से भी कम समय में उनकी यह नियुक्ति हुई है।
सामान्य प्रशासन और लोक शिकायत विभाग ने एक बयान जारी कर कहा, "श्री वीके पांडियन को कैबिनेट मंत्री के दर्जे के साथ 5 T (परिवर्तनकारी पहल) और नबीन ओडिशा का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह सीधे मुख्यमंत्री के अधीन काम करेंगे।" कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने ओडिशा सरकार के एक पत्र के बाद 23 अक्टूबर को पांडियन की स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति को मंजूरी दे दी।
पांडियन 2011 में मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) में शामिल हुए और तब से वह पटनायक के निजी सचिव रहे हैं। पटनायक के 2019 में पांचवी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पांडियन को सरकारी विभागों में कुछ परिवर्तनकारी पहलों को लागू करने के लिए '5 टी सचिव' की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई थी। 2000 बैच के IAS अधिकारी वीके पांडियन की जड़ें तमिलनाडु में हैं। उन्होंने एक युवा जिला कलेक्टर के रूप में सभी का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित किया था।
नवीन पटनायक उन्हें 2011 में सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय लाए। धीरे-धीरे पांडियन ने पटनायक के एक भरोसेमंद सहयोगी और पूर्व-आईएएस अधिकारी प्यारी मोहन महापात्र द्वारा खाली की गई जगह को भरना शुरू कर दिया, जिन्हें सीएम को हटाने के प्रयास के बाद पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
जैसे ही 2019 के चुनावों के नतीजे आए पटनायक के साथ उन्हें देखने वाले एकमात्र अन्य व्यक्ति पांडियन थे। यह पांडियन ही थे, जिन्हें पिछले महीने दिल्ली के लोधी रोड श्मशान में उनकी दिवंगत बहन गीता मेहता का अंतिम संस्कार करते समय पटनायक के पीछे खड़े देखा गया था।
पटनायक की पांचवीं बार अभूतपूर्व जीत के बाद एक तस्वीर ने सभी का ध्यान खींचा जिसमें वह एक कुर्सी पर बैठे हुए थे और पांडियन उनके पीछे खड़े थे। CMO में आने के बाद से पांडियन का पार्टी और सरकार पर दबदबा एवं प्रभाव बढ़ता ही गया। ओडिशा के सबसे शक्तिशाली नौकरशाह ने कई लोगों को आश्चर्यचकित कर दिया जब वह लगभग एक साल पहले सरकार द्वारा प्रेस को जारी किए गए सभी वीडियो में मुख्यमंत्री के साथ दिखाई देने लगे। चाहें वह बैठक हो या उद्योगपति और खिलाड़ियों को सम्मानित करना हो या उद्घाटन समारोह हो..।
हाल के दिनों में पांडियन ने ओडिशा में विपक्षी नेताओं की कड़ी आलोचना की, जिन्होंने ओडिशा के जिलों में पांडियन के लगातार सार्वजनिक दौरों पर सवाल उठाए। दरअसल, 5T सचिव ने इस साल छह महीने में ओडिशा के 30 जिलों के सभी 147 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा पूरा कर लिया था, जिसकी शुरुआत मयूरभंज से हुई और जाजपुर में समाप्त हुई।
BJP ने नौकरशाह के कदमों को एक सेवारत सिविल सेवक के लिए अशोभनीय बताते हुए औपचारिक रूप से इसकी शिकायत भी की थी। हालांकि, पटनायक ने विधानसभा के पटल पर पांडियन का बचाव करते हुए कहा था कि अधिकारी केवल उनके आदेशों का पालन कर रहे थे। पांडियन की बढ़ती सार्वजनिक उपस्थिति ने राज्य में सत्ताधारी बीजू जनता दल (BJD) के भीतर भी बेचैनी पैदा कर दी है।