Goa Elections 2022: गोवा में कांग्रेस का NCP-शिवसेना के साथ गठजोड़ नहीं होने से महाराष्ट्र में कितना असर पड़ेगा? चिदंबरम ने दिया बड़ा बयान

पी चिदंबरम ने कहा कि गोवा विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी और एनसीपी-शिवसेना के बीच गठबंधन नहीं हो सका लेकिन हम 'दोस्त बने रहेंगे'

अपडेटेड Feb 04, 2022 पर 1:55 PM
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चिदंबरम ने कहा कि गोवा विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी और एनसीपी-शिवसेना के बीच गठबंधन नहीं हो सका लेकिन हम 'दोस्त बने रहेंगे'

Goa Elections 2022: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने रविवार को कहा कि गोवा विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी और एनसीपी-शिवसेना के बीच गठबंधन नहीं हो सका, लेकिन उन्होंने कहा कि वे 'दोस्त बने रहेंगे' और चुनाव के बाद भी कांग्रेस उनके साथ 'एक साथ काम करने' के अवसरों को तलाशना जारी रखेगी। गोवा विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के प्रभारी चिदंबरम ने कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं करने के लिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमससी) पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी ने गठजोड़ के प्रस्ताव के बावजूद कांग्रेस नेताओं को अपने पाले में करने का प्रयास जारी रखा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने कहा कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस के साथ बातचीत करने के लिए पार्टी नेतृत्व से कोई निर्देश नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि हमारे नेतृत्व ने सभी तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखा था। चिदंबरम ने पीटीआई को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि पार्टी चुनाव से पहले या बाद में मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा करेगी या नहीं यह सभी उम्मीदवारों से परामर्श करने के बाद तय किया जाएगा और पार्टी उनके बीच आम सहमति से चलेगी।

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उन्होंने यह भी कहा कि गोवा चुनाव में मुकाबला कांग्रेस (साथ में गोवा फॉरवर्ड पार्टी) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच है। उन्होंने कहा कि हम बहुमत हासिल करने में सक्षम होंगे। यह पूछे जाने पर कि कांग्रेस अन्य विपक्षी दलों विशेषकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और शिवसेना के साथ गठजोड़ क्यों नहीं कर पाई, चिदंबरम ने कहा कि NCP और शिवसेना महाराष्ट्र में कांग्रेस की सहयोगी हैं और वह उन्हें गोवा में भी सहयोगी बनाना पसंद करती।

चिदंबरम ने कहा कि हमने कोशिश की। उन्होंने कुछ प्रस्ताव दिए। हमने कुछ प्रस्ताव दिए। दुर्भाग्य से इस बारे में कोई बैठक नहीं हो पाई। मैं स्वीकार करता हूं कि दोनों पक्षों की मजबूरियां थीं और हमारे सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद हम बैठक के बिंदु पर नहीं पहुंच पाए। उन्होंने कहा कि फिर भी, हम दोस्त हैं और दोस्त रहेंगे। चुनाव के बाद हम एनसीपी और शिवसेना के साथ मिलकर काम करने के अवसर तलाशते रहेंगे।

महाराष्ट्र में 2019 के विधानसभा चुनावों के बाद शिवसेना ने सरकार बनाने के लिए एनसीपी और कांग्रेस के साथ हाथ मिलाया, जिसे महा विकास आघाड़ी (एमवीए) नाम दिया गया। शिवसेना और एनसीपी ने इस महीने की शुरुआत में घोषणा की थी कि वे गोवा चुनाव एक साथ लड़ेंगे। गठजोड़ नहीं करने को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर चिदंबरम ने कहा कि वह तृणमूल कांग्रेस की स्थिति को समझने में सक्षम नहीं हैं। गोवा की सभी 40 विधानसभा सीटों के लिए 14 फरवरी को मतदान होगा।

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