पंजाब (Punjab) में कांग्रेस (Congress) के नेतृत्व वाली सरकार ने शुक्रवार को अपने छठे वेतन आयोग (6th Pay Commission) की अधिकांश सिफारिशों को 1 जनवरी, 2016 से लागू करने का फैसला किया, जिससे उसके 500,000 से ज्यादा सर्विस कर रहे और रिटायर कर्मचारियों को लाभ होगा। ये फैसला मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में लिया गया और ये पंजाब में अगले साल चुनाव से ठीक पहले आया है।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "इस कदम से राज्य सरकार के 540,000 से ज्यादा सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को फायदा होगा।" इसमें आगे कहा कि पंजाब के "अनिश्चित वित्तीय स्वास्थ्य" के बावजूद सरकार द्वारा इसे मंजूरी दी गई थी।
जानिए इस दो गुना वेतन बढ़ोतरी के बारे में:
- पंजाब सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन अब ₹6,950 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया जाएगा। हिंदुस्तान टाइम्स ने शुक्रवार को बताया कि बकाया का भुगतान इस साल अक्टूबर में और जनवरी 2022 में दो समान किश्तों में किया जाएगा।
- नए स्ट्रक्चर के तहत वेतन और पेंशन का भुगतान इसी साल 1 जुलाई से शुरू होगा।
- बयान में कहा गया है कि इस फैसले से सरकारी खजाने पर 8,637 करोड़ रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और संभावित अतिरिक्त शुद्ध सालाना बोझ लगभग 4,700 करोड़ रुपए होने की उम्मीद है।
- मिनिमम पेंशन अब ₹3,500 से ₹9,000 प्रति माह और मिनिमम पारिवारिक पेंशन ₹9,000 प्रति माह हो जाएगी।
- तलाकशुदा और विधवाएं पारिवारिक पेंशन के लिए पात्र होंगी।
- पंजाब सरकार ने भी इस साल जुलाई से पेंशन के कम्यूटेशन को 40 फीसदी करने की बहाली को स्वीकार कर लिया है।
- नए स्ट्रक्चर के तहत दूसरे लाभों के साथ मकान किराया भत्ता को युक्तिसंगत बनाया गया है। चौकीदारों और चालकों के लिए विशेष भत्ता दोगुना किया जा रहा है।
- पंजाब सरकार उन कर्मचारियों के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन के रूप में एक उच्च शिक्षा भत्ता शुरू कर रही है, जो अपने रोजगार के दौरान और अपनी नौकरी से सीधे संबंधित क्षेत्र में उच्च शिक्षा की डिग्री प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन नए कर्मचारियों को केंद्र के वेतनमान के अनुसार भुगतान किया जाएगा, जो वर्तमान में सभी नई भर्तियों पर लागू होता है।