Get App

Puri Rath Yatra: पुरी रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत, कई घायल

भगवान सुदर्शन के पीछे-पीछे भगवान बलभद्र को उनके ‘तालध्वज रथ’ पर ले जाया गया। सेवक भगवान जगन्नाथ और भगवान बलभद्र की बहन देवी सुभद्रा को विशेष शोभा यात्रा निकालकर ‘दर्पदलन’ रथ तक लाए। आखिर में, भगवान जगन्नाथ को घंटियों की ध्वनि के बीच एक पारंपरिक शोभा यात्रा निकालकर ‘नंदीघोष’ रथ की ओर ले जाया जाएगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jul 07, 2024 पर 8:52 PM
Puri Rath Yatra: पुरी रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति, दम घुटने से एक श्रद्धालु की मौत, कई घायल
Puri Rath Yatra: पुरी रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति पैदा। इस दौरान पुरी रथ यात्रा में तलध्वज रथ को खींचने के दौरान बोलांगीर जिले के एक पुरुष श्रद्धालु की कथित तौर पर दम घुटने से मौत हो गई। पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल में डॉक्टरों ने भक्त को मृत घोषित कर दिया। हिंदी स्कूल छाक के पास पुरी बड़ा डांडा में भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। 8 से 10 श्रद्धालु घायल हैं, जिन्हें जिला मुख्यालय अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का पारंपरिक ‘पहांडी’ अनुष्ठान रविवार सुबह करीब 11 बजे शुरू हुआ। जब भगवान सुदर्शन को सबसे पहले देवी सुभद्रा के रथ ‘दर्पदलन’ तक ले जाया गया, तो पुरी मंदिर के सिंहद्वार पर घंटियों, शंखों और मंजीरों की ध्वनियों के बीच श्रद्धालुओं ने ‘जय जगन्नाथ’ के जयकारे लगाए।

कैसे शुरू होती है रथ यात्रा?

भगवान सुदर्शन के पीछे-पीछे भगवान बलभद्र को उनके ‘तालध्वज रथ’ पर ले जाया गया। सेवक भगवान जगन्नाथ और भगवान बलभद्र की बहन देवी सुभद्रा को विशेष शोभा यात्रा निकालकर ‘दर्पदलन’ रथ तक लाए।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें