रिलायंस जियो इन्फोकॉम के चेयरमैन आकाश अंबानी ने ड्रीम स्पोर्ट्स के को-फाउंडर और सीईओ हर्ष जैन से बातचीत में कहा कि वे एक दूसरे से बहुत नजदीकी से जुड़े परिवार में पले बढ़े हैं और पारिवारिक मूल्यों का आदर करते हैं। वर्क लाइफ बैलेंस पर बात करते हुए उन्होंने का कि कार्य जीवन का बहुत अहम हिस्सा है। मेरे माता-पिता परिवार संभालने को साथ कार्य भी करते हैं। उन्हीं से हमने सीखा है ये मूलमंत्र सीखा है। उन्होंने आगे कहा कि वे 10 साल से जियो के साथ काम कर रहे हैं। उनके लिए काम और फेमिली के बीच संतुलन का सवाल नहीं। ये दोनों ही उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकताएं हैं। सभी को अपने जीवन में अपनी प्राथमिकताएं तय कर लेनी चाहिए। हालांकि उम्र के आगे बढ़ने के साथ प्राथमिकताएं बदल सकती है। लेकिन हमारी प्राथमिकताएं जीवन को अर्थ देने में अहम भूमिका निभाती है।
आकाश अंबानी ने कहा कि उनके लिए उनके माता-पिता और उनका पूरा परिवार ही आदर्श और प्रेरणा दोनों ही हैं। आज भी मेरे पिता अपने सारे ई-मेल चेक करते हैं। वो रात को 2 बजे तक काम करते हैं। पिछले 40 सालों से वे काम कर रहे हैं। मेरी मां छोटी-छोटी बातों का जिस तरह से ध्यान रखती हैं ये मेरे लिए बहुत बड़ी प्रेरणा का काम करता है। आकाश ने आगे कहा कि रिलायंस जियो के लिए हमारा देश, हमारे देश के लोग फिर कंपनी अहम हैं। हम जियो के जरिए अपने देश और देश वासियों के जीवन पर सकारात्म प्रभाव डालने चाहते हैं और यही लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
आकाश अंबानी ने 'मुंबई टेक वीक' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे काम के बारे समय और घंटों की मात्रा के लिहाज से नहीं सोचते। काम के घंटों से ज्यादा काम की गुणवत्ता का महत्व होता है। हम अपने काम के जरिए देश, समाज और कंपनी पर जो असर डालते हैं वहाँ महत्वपूर्ण होता है।
गौरतलब है कि भारतीय उद्योग जगत के दिग्गजों ने हाल के दिनों में कामकाजी घंटों को लेकर अलग-अलग राय जताई है। किसी ने हफ्ते में 90 घंटे तक काम करने और परिवार की जगह काम को प्राथमिकता देने की वकालत की तो किसी ने उन घंटों से मिलने वाले परिणामों के पक्ष में बात की है। वहीं एक तबका प्रति सप्ताह 50 घंटे से कम काम करने के पक्ष में है।
ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(एआई) पर बात करते हुए आकाश अंबानी ने कहा कि वो दिन गए जब टेक्नोलॉजी से मामले में भारत को पश्चिमी देशों का पिछलग्गू माना जाता था। जियो के लॉन्च के आठ साल के बाद हम दुनिया के सबसे बड़े डेटा खपत वाले देश में शामिल हो गए हैं। भारत अब एक ऐसा देश बन गया है जो न केवल तेजी से टेक्नोलॉजी का अपनाता है बल्कि लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में इसका इस्तेमाल भी करता है। एआई अब तक टेक्नोलॉजी में आया सबसे बड़ा क्रांतिकारी बदलाव है। यह भारत के लिए एक ऐसा ग्रोथ इंजन साबित हो सकता है जो इकोनॉमी में 10 फीसदी की दर से आगे बढ़ा सकता है।
आकाश अंबानी ने आगे कहा कि उनकी कंपनी ने ऑर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(एआई) के मोर्चे पर मार्गदर्शन के लिए 1,000 से अधिक डेटा वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और इंजीनियरों की एक टीम बनाई है। उन्होंने कहा कि कंपनी जामनगर में एक गीगावाट क्षमता का डेटा सेंटर भी बना रही है, जो देश की एआई यात्रा में मदद करेगा। इसके अलावा कंपनी व्यापक परिवेश के लाभ के लिए ग्राफिक प्रसंस्करण इकाई (जीपीयू) की पेशकश पर भी विचार कर रही है।