Qutub Minar Excavation: ज्ञानवापी मस्जिद विवाद (Gyanvapi Masjid Case) उठने के बाद अब कुतुब मीनार (Qutub Minar) की भी खुदाई की जाएगी। केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) को कुतुब मीनार परिसर में खुदाई (Excavation) करने का आदेश दिया है। मंत्रालय ने ये भी कहा कि परिसर में मूर्तियों की आइकोनोग्राफी (iconography) भी की जाएगी। मतलब ये कि इन मूर्तियों को जांचा परखा जाएगा और इनके ऐतिहासिक सुराग खोजे जाएंगे।
संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंद मोहन ने शनिवार को विश्व धरोहर स्मारक का दौरा करने के बाद यह फैसला किया। News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मंत्रालय के अधिकारियों ने ASI को "तथ्यों को जानने के लिए" खुदाई करने का निर्देश दिया है।
मोहन ने तीन इतिहासकारों, चार ASI अधिकारियों और शोधकर्ताओं के साथ साइट का दौरा किया था। ASNI अधिकारियों ने उन्हें बताया कि कुतुब मीनार परिसर में खुदाई का काम 1991 के बाद से नहीं किया गया था।
दरअसल पिछले काफी समय से कई हिंदू समूह कुतुब मीनार का नाम बदलने की मांग कर रहे हैं। वे यह दावा करते हैं कि यह जगह पहले हिंदू और जैन मंदिरों के लिए थी। इसके बाद अब मीनार में खुदाई का ये फैसला आया है।
मंत्रालय ने ASI को भी अपनी खुदाई रिपोर्ट जमा करने को कहा है। साथ ही मस्जिद से 15 मीटर की दूरी पर मीनार के दक्षिण में खुदाई का काम शुरू किया जा सकता है।
'कुतुब मीनार नहीं विष्णु स्तंभ है'
दो हफ्ते पहले, एक दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों ने कुतुब मीनार परिसर के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ किया था। उन्होंने प्रतिष्ठित स्मारक का नाम बदलकर 'विष्णु स्तम्भ' करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन भी किया। पुलिस ने कहा कि कम से कम 30 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है और उन्हें पुलिस थाने ले जाया गया था।
एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "उन्हें हिरासत में लिया गया क्योंकि वे सड़क के बीच में विरोध नहीं कर सकते थे, जिससे ट्रैफिक जाम हो गया था और यात्रियों को असुविधा हो रही थी।"
यूनाइटेड हिंदू फ्रंट के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, भगवान गोयल ने दावा किया कि कुतुब मीनार 'विष्णु स्तंभ' है। इसे "महान राजा विक्रमादित्य" ने बनवाया था।