Ram Mandir Inauguration: अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) में प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरे देश के साथ ही दिल्ली में आरके पुरम के संकट मोचन मंदिर आश्रम (Sankat Mochan Mandir Ashram) में भी खुशी का माहौल है। VHP के उपाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंघल (Om Prakash Singhal) बताते हैं कि इसी आश्रम में वो कार्यालय है, जहां राम मंदिर आंदोलन (Ram Mandir Andolan) की योजनाओं का खाका बना और उन्हें अमलीजामा पहनाया गया।
न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए ओम प्रकाश सिंघल याद करते हैं, “संकट मोचन आश्रम अशोक सिंघल, आचार्य गिरिराज किशोर का निवास स्थान रहा। यहां पर बड़ी बैठकें असेंबली हॉल में होती थीं, एक ध्यान कक्ष भी था और सबसे ऊपर हमें आशीर्वाद देने के लिए संकट मोचन हनुमान जी हमेशा विद्यमान रहे।”
संकट मोचन मंदिर आश्रम में ही देश भर के साधु, संत, आध्यात्मिक गुरु आते-जाते रहे और भगवान श्री राम की जन्मस्थली को मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया।
80 के दशक के बीच में मंदिर आंदोलन की कमान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने संभाली। आंदोलन के दौरान अप्रैल, 1984 में अयोध्या में सरयू नदी के किनारे हुई धर्म संसद अहम पड़ाव थी।
VHP का केंद्र रहा संकट मोचन आश्रम
इसी धर्म संसद में राम मंदिर को लेकर निर्णायक आंदोलन शुरू करने का फैसला हुआ। 21 जुलाई, 1984 को अयोध्या के वाल्मीकि भवन में बैठक कर VHP ने राम जन्मभूमि यज्ञ समिति बनाई। तब से ही दिल्ली में संकट मोचन मंदिर आश्रम बैठकों का केंद्र बन गया।
चिंतक, के. एन. गोविंदाचार्य ने कहा, “वहां पर पहले एक मंदिर था, फिर कार्यालय बनाया गया। फिर अशोक सिंघल, गिरिराज किशोर रहने लगे। राम जन्मभूमि आंदोलन की VHP की सभी प्रमुख बैठकें वहां हुईं। वहां मोरोपंत पिंगले आते थे, डालमिया आते थे, चंपत राय आते थे। VHP के आयोजन का केंद्र संकट मोचन आश्रम रहा।”
कार्यालय में तीन ‘ध्यान कक्ष’ हैं। एक बड़ा और दो छोटे कमरे हैं। बड़ी बैठकें बड़े ध्यान कक्ष में की जाती थीं।
VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल कहते है, "आर के पुरम सेक्टर छह स्थित संकट मोचन आश्रम में आंदोलन से जुड़े सारे नीतिगत निर्णय होते थे और सभी पूज्य संत और पदाधिकारी बैठक करते थे और निर्णय लेते थे कि काम कैसे-कैसे और कब-कब होंगे।"
विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय कार्यालय में अशोक सिंघल का कमरा पहली मंजिल पर जस का तस बना हुआ है। यहीं एक सभागार में भगवान राम और राम मंदिर जुड़ा रिकॉर्ड रूम बनाया गया।
सिंघल ने कहा, “हमारा आंदोलन ऐसे कुशल नेतृत्व के हाथों में था। उस समय की सरकारों की तरफ से काफी दबाव दिए गए कि शिलान्यास का स्थान बदल दो, तारीख बदल दो, लेकिन हमारा नेतृत्व अडिग रहा। उस समय भगवान राम की तरफ से प्रेरित अदृश्य शक्तियों ने काफी साथ दिया।’’
अयोध्या में राम जन्मभूमि और आरके पुरम में संकट मोचन मंदिर आश्रम, दोनों जगहों पर प्रवेश के साथ ही हनुमान दरबार है।