Ram Mandir Inauguration: 22 जनवरी को अयोध्या (Ayodhya) धाम में होने जा रहे, रामलला के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लिए देशभर में हर्षोउल्लास का माहौल छाया है। वहीं राजस्थान के जालौर जिले के रूचियार गांव के एक भाई-बहन ने भी बड़े ही अनोखे ढंग से अपनी अयोध्या यात्रा शुरू की है। महज 12 साल और 7 साल की उम्र में दोनों भाई बहन के बाल मन पर राम भक्ति का ऐसा अनुठा असर हुआ कि अपने माता-पिता से स्केटिंग (Skating) करते हुए अयोध्या जाने की जिद कर बैठे।
भाई कैलाश पेटल 7वीं कक्षा का छात्र है और बहन सिमरन पटेल कक्षा तीन की छात्र है। काफी समझाने पर भी नहीं मानने के बाद बहरहाल परिजनों ने खुद भी उनके साथ चलने का फैसला किया। दोनों ही बच्चों ने अपनी भीनमाल के नीलकंठ महादेव मंदिर से अपनी अयोध्या यात्रा शुरू की।
सोशल मीडिया पर इन दिनों अयोध्या में राम मंदिर निर्माण और रामल्ला की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल होने को लेकर लोगों का उत्साह दिखाई पड़ रहा है। देश के कोने-कोने से लोग अयोध्या के लिए पैदल ही रवाना हो रहे हैं, ऐसे मे सिमरन पटेल और कैलाश पटेल अपने नन्हे-नन्हे पैरों से स्केटिंग करते हुए अयोध्या धाम की यात्रा शुरू कर चुके हैं।
शुक्रवार शाम को जालोर पहुंचने पर राम भक्तों ने इन बच्चों का स्वागत किया। इनके साथ में चल रहे कैलाश पटेल के पिता बालाराम चौधरी इन बच्चों के साथ-साथ अपनी गाड़ी लेकर चल रहे हैं, जो इन बच्चों के लिए सड़क पर सुरक्षा संबंधित व्यवस्था को देखते हुए आराम और खाने-पीने समेत इनका पूरा ध्यान रखते हैं।
परिजनों ने बताया कि भगवान श्री राम की प्राण प्रतिष्ठा के बारे में बच्चों ने सुनकर काफी उत्सुकता जाहिर की। इस पूरे विषय जानने-समझने के बाद, बच्चों ने स्केटिंग करते हुए अयोध्या जाने की जिद की थी। काफी समझाने पर भी जब नहीं माने, तो परिजनों ने साथ में रहते हुए उन्हें अयोध्या दर्शन करवाने का मानस बनाया। यह बच्चे लगभग 12 से 13 दिन की स्केटिंग यात्रा करते हुए 1200 किलोमीटर दूर अयोध्या धाम पहुंचेंगे।
परिजनों से बात करने पर पता चला कि घर में दादी मां राम नाम का जाप करती रहती हैं। बच्चों के हृदय में भी प्रभु श्री राम की भक्ति का असर देखने को मिल रहा है।
बच्चों ने बताया कि ऑनलाइन स्केटिंग मंगवा कर घर में ही टीचर से 1-2 महीने तक घर पर ही इसकी प्रैक्टिस की और अब श्री राम नाम का जाप करते हुए दोनों ही भाई-बहन अयोध्या नगरी रामलला के दर्शन के लिए चल पड़े।
रिपोर्ट: सोनाली भाटी, जालोर