Ram Mandir: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले 16 से 22 जनवरी तक प्रभावित रहेगा रेल यातायात

Ram Mandir Inauguration: अयोध्या कैंट से आनंद विहार तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को पहले से जारी कामों के कारण 15 जनवरी तक रद्द कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन अब 22 जनवरी तक रद्द रहेगी। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए अयोध्या रेलवे खंड का दोहरीकरण उच्च प्राथमिकता पर किया जा रहा है

अपडेटेड Jan 16, 2024 पर 9:42 PM
Ram Mandir: राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पहले 16 से 22 जनवरी तक प्रभावित रहेगा ट्रेन यातायात

Ram Mandir Inauguration: राम मंदिर (Ram Mandir) प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले प्राथमिकता के आधार पर किए जा रहे पटरियों के दोहरीकरण (Doubling) और विद्युतीकरण (Electrification) के कारण 16 से 22 जनवरी तक रेल गाड़ियों (Trains) की आवाजाही प्रभावित रहेगी। रेलवे ने सोमवार को यह जानकारी दी। उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल की वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा के मुताबिक, वंदे भारत समेत 10 ट्रेन रद्द कर दी गई हैं, जबकि दून एक्सप्रेस समेत 35 ट्रेन वैकल्पिक रूट से चलेंगी। दूसरी 14 ट्रेन का परिचालन पर भी प्रभावित रहेगा।

अयोध्या कैंट से आनंद विहार तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को पहले से जारी कामों के कारण 15 जनवरी तक रद्द कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि यह ट्रेन अब 22 जनवरी तक रद्द रहेगी। रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए अयोध्या रेलवे खंड का दोहरीकरण उच्च प्राथमिकता पर किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 30 दिसंबर, 2023 को अत्याधुनिक सुविधाओं वाले रेलवे स्टेशन 'अयोध्या धाम' का उद्घाटन किया। जबकि स्टेशन का विकास तीन चरणों में करने की योजना है, पहला चरण पूरी तरह से पूरा हो चुका है।


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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले हफ्ते की शुरुआत में कहा था कि 22 जनवरी को 'प्राण प्रतिष्ठा दिवस' पर लगभग 100 चार्टर्ड विमान अयोध्या में उतरेंगे। PM मोदी मंदिर के गर्भगृह के अंदर श्री राम लला की औपचारिक स्थापना का हिस्सा बनेंगे।

यह समारोह, जिसे प्राण प्रतिष्ठा या मूर्ति स्थापना के नाम से जाना जाता है, एक पारंपरिक हिंदू और जैन अनुष्ठान है, जिसमें एक मंदिर में एक देवता की मूर्ति को प्रतिष्ठित करना शामिल है।

समारोह के दौरान, देवता को मंदिर में निवास करने के लिए आमंत्रित करने के लिए भजन और मंत्र पढ़े जाते हैं। समारोह का मुख्य आकर्षण पहली बार देवता की आंखें खोलना है, जो उनके जागरण का प्रतीक है।

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