Ram Mandir Inauguration: 'राम का मंदिर, रामानंद परंपरा का है, ये न शैव, शाक्त का है और न संन्यासियों का।' ऐसा कहना है श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) का। उन्होंने बताया कि ग्राउंड फ्लोर का गर्भगृह तैयार हो गया है। भगवान की जिस मूर्ति को प्रतिष्ठित किया जाना है, वह मूर्ति तैयार हो गई है। साथ ही उन्होंने उन खबरों का भी खंडन किया, जिसमें दावा किया जा रहा था कि 17 जनवरी को रामलला की मूर्ति के साथ अयोध्या (Ayodhya) में शोभा यात्रा निकाली जाएगी।
अमर उजाला को दिए एक इंटरव्यू में जब चंपत राय से पूछा गया कि नए मंदिर में पूजा पद्धति क्या यही होगी? इस पर उन्होंने कहा, "राम का मंदिर...रामानंद परंपरा...बस। मंदिर रामानंद संप्रदाय का है...रामानंद...संन्यासियों का नहीं है...शैव और शाक्त का नहीं है...रामानंद।"
उन्होंने आगे कहा, "देश के लगभग 125 संत परंपराओं के महात्मा आएंगे। सभी 13 अखाड़े और सभी छह दर्शन के महापुरुष-धर्माचार्य आएंगे। इसके अलावा देश में जितनी तरह की विधाएं हैं...खेल, न्याय, वैज्ञानिक...उनके अच्छे करीब 2500 प्रमुख लोगों की लिस्ट बनी है, निमंत्रण दिए जा रहे हैं। WhatsApp पर सूचनाएं दी जा रही हैं। वह कहां आएंगे...कहां रुकेंगे, इसकी तैयारी चल रही है।"
राम मंदिर समारोह को लेकर कितनी तैयारी पूरी कितनी बाकी?
राम मंदिर समारोह को लेकर क्या कुछ तैयारियां हो चुकी हैं और क्या कुछ बाकी हैं, इस पर राय ने कहा कि कोई फैसला बाकी नहीं है। सभी बड़े फैसले हो गए हैं।
उन्होंने आगे कहा, "धार्मिक अु्ष्ठान 16 जनवरी से शुरू होगा। जिन ब्राह्मणों को करना है, उनकी टोली बन गई है। जिस जगह पर बैठकर पूजन किया जाएगा, वो स्थल तैयार हो रहा है। ब्राह्मण आएंगे, तो कहां रहेंगे, उनके आवास बन गए हैं। उनको भोजन कौन बनाएगा...कराएगा..इसकी तैयारी हो गई है। लगभग-लगभग व्यवस्था पूरी हो गई है।"
जब उनसे पूछा गया कि 17 जनवरी को एक शोभायात्रा की चर्चा हो रही है? तब उन्होंने इससे साफ इनकार करते हुए कहा, "17 तारीख को कोई शोभायात्रा नहीं है। कब क्या होगा, ये तय करेंगे। 16 तारीख से पूजन प्रारंभ होगा।"
राम मंदिर पूरी तरह से कब या कितने दिनों में बन कर तैयार हो जाएगा? इस सवाल के जवाब में चंपत राय ने कहा, 'कोई जल्दबाजी नहीं है। जल्दबाजी से निर्माण कार्य बिगड़ता है। जो होगा, हरि इच्छा"
उन्होंने समझाया, "निर्माण पत्थरों का है, कंक्रीट का नहीं। कंक्रीट में कहीं बिगड़ जाए, ठीक कर सकते हो, यहां नहीं कर सकते। जल्दबाजी वो करेगा, जिसकी इच्छा काम बिगाड़ने की हो। कोई टाइमलाइन नहीं है। पहले विचार था 18 महीने में बन जाएगा, तो 18 माह में सिर्फ नींव बन पाई। विचार था कि तीन साल में बन जाएगा। जुलाई 2020 से शुरू कीजिए, तो 2023 के साथ...साढ़े तीन साल निकल गया। अब कोई तय कर ले कि साल भर में बन जाएगा, तो साल भर बाद बताना पड़ेगा कि इतना अधूरा अभी पड़ा है।"