देश के कोने-कोने को राममय बनाने की तैयारियां चल रही हैं। अयोध्या में आखिरकार भव्य राम मंदिर में रामलला विराजमान होने वाले हैं। 22 जनवरी के उत्सव की तैयारियां चरम पर हैं। ऐसे में देश का हर बच्चा-बच्चा अयोध्या के लिए खास उपहार भेज रहा है। उज्जैन से प्रसाद, नेपाल से शालीग्राम, जनकपुरी से 3000 खास तोहफे और अब दुनिया की सबसे महंगी रामायण भी अयोध्या पहुंच गई है। इस रामायण की कीमत 1,65,000 है। इस किताब को बनाने में दुनिया के सबसे बड़े देशों की सबसे उम्दा क्वालिटी की लकड़ी, कागज और स्याही का इस्तेमाल किया गया है।
रामायण की भव्य किताब पहुंची अयोध्या
विदेशी कागज से बनी भारत की रामायण
किताब विक्रेता मनोज सती ने रामायण को रखने वाले बॉक्स की भी खूबियां बताईं। उनकी दी गई जानकारी के अनुसार ये डिब्बा अमेरिकी अखरोट की लकड़ी का इस्तेमाल किया गया है। किताब में एक-एक अक्षर लिखने के लिए स्याही जापान से आयात की गई। यह एक खास तरह की जैविक स्याही है। किताब का कागज फ्रांस में बनकर तैयार हुआ है। यह एक एसिड-मुक्त कागज है। यह पेटेंट लिया गया कागज है। कागज का उपयोग केवल इस पुस्तक में किया जाएगा। यह बाजार में कहीं भी दूसरी जगह नहीं मिल पाएगा।
400 सालों तक नहीं होगी खराब
रामायण की खूबियों के बारे में बताते हुए मनोज सती ने आगे कहा कि ये किताब 400 साल तक चल सकती है। इसका खूबसूरत कवर इसे सुरक्षित रखेगा। किताब को चार पीढ़ियां पढ़ सकती हैं। सती ने बताया कि खूबसूरत और आकर्षक डिजाइन के पीछे मकसद यह है कि आपको हर पेज पर एक अलग डिजाइन देखने को मिलेगा। हर पेज पर कुछ नया देखने को मिलेगा।