Rapidx: देश की पहली रीजनल ट्रेन सर्विस RAPIDX इसी महीने में जुलाई में चल सकती है। शुरुआती दौर में इसे 17 किमी तक चलाया जाएगा। इस रूट पर 5 स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो हैं। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि इन पांचों स्टेशनों पर काम पूरा हो चुका है। यह सेक्शन दिल्ली-मेरठ रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (Regional Rapid Transit System - RRTS) का हिस्सा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (National Capital Region Transport Corporation – NCRTC) की ओर से ‘सेमी-हाई-स्पीड’ रिजनल रेल सर्विस को ‘RAPIDX’ नाम दिया गया है।
साल 2025 तक दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ कॉरिडोर को लोगों के उपयोग के लिए शुरू किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। रैपिड रेल सेवा के विकास की देखरेख कर रहे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) के अधिकारियों के मुताबिक, पिछले हफ्ते मेट्रो रेल सुरक्षा आयुक्त (commissioner for Metro Rail Safety -CMRS) से सुरक्षा मंजूरी मिल गई है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल्द ही इस रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।
ट्रेन की स्पीड 160 किमी प्रति घंटा
रैपिडेक्स 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेगी। देश में ऐसा पहली बार होगा कि किसी रेलवे सिस्टम को उसकी पूरी लंबाई में हाई-स्पीड ऑपरेशन के लिए खोला जाएगा। मिली जानकारी के मुताबिक, साहिबाबाद से मेरठ साउथ स्टेशन तक 42 किलोमीटर लंबे पुल का भी काम पूरा हो चुका है। एक अधिकारी ने बताया कि दुहाई डिपो के बाद 25 किलोमीटर लंबा हिस्सा इसके बाद शुरू किया जाएगा। यहां चार स्टेशन बनाए गए हैं। इनमें मुरादनगर, मोदीनगर दक्षिण, मोदीनगर उत्तर और मेरठ दक्षिण शामिल हैं। रैपिड रेल बनाने का काम जून 2019 में शुरू किया गया था।
यह कुल 30,274 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार किया जाएगा। RRTS को एशियाई विकास बैंक (एडीबी), एशिया इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) और न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) की ओर से फंडिंग की गई है।
रोजाना इतने यात्री करेंगे सफर
एक अनुमान के मुताबिक, इससे रोजाना 800,000 यात्री सफर करेंगे। हालांकि इतनी ज्यादा भीड़ के बावजूद यात्रियों से कमाई कम रहने की उम्मीद जताई गई है। किराए के साथ ही कई और चुनौतियां सामने आ सकती हैं। ऐसे में NCRTC विज्ञापन पर भी अपना फोकस बढ़ा सकता है।