सरकार ने तो ग्रोथ बढ़ाने के लिए बड़े उपाय कर दिए हैं, अब नजरें संजय मल्होत्रा पर लगी हैं। क्या आरबीआआई के नए गवर्नर 7 फरवरी को मॉनेटरी पॉलिसी में इंटरेस्ट रेट घटाने का ऐलान करेंगे? इकोनॉमी की ग्रोथ सुस्त पड़ने के संकेत मिले हैं। इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में जीडीपी ग्रोथ घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई। माना जा रहा है कि इसकी वजह सुस्त पड़ता कंजम्प्शन है। इकोनॉमिस्ट्स ने यूनियन बजट से पहले सरकार को कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठाने की सलाह दी थी। निर्मला सीतारमण ने इसके लिए 1 फरवरी को इनकम टैक्स में बड़ी राहत दी। इससे लोगों पर टैक्स का बोझ घटेगा। इससे उनके हाथ में खर्च के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे, जिससे कंजम्प्शन को बढ़ावा मिलेगा।
इंटरेस्ट रेट घटने से होम लोन सस्ता होगा
अगर RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा (Sanjay Malhotra) इंटरेस्ट रेट में कमी करते हैं तो इससे इकोनॉमी की ग्रोथ को सपोर्ट मिलेगा। रेपो रेट घटने का दो तरह से असर पड़ेगा। पहला, होम लोन लेने वाले लोगों की EMI घटेगी। इससे उनके हाथ में ज्यादा पैसे बचेंगे। दूसरा, रेपो रेट घटने से बैंक होम लोन के इंटरेस्ट रेट में कमी करेंगे। इससे होम लोन सस्ता होगा। इससे घर खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी। इसका सीधा फायदा रियल एस्टेट सेक्टर को होगा। रियल एस्टेट सेक्टर की ग्रोथ बढ़ने का असर कई दूसरे सेक्टर पर भी पड़ता है। खासकर स्टील, सीमेंट, पेंट्स, इलेक्ट्रिकल कंपनियों की सेल्स बढ़ती है। इसके अलावा, रियल एस्टेट नौकरियों के नए मौके पैदा करने में सबसे आगे हैं।
नए गवर्नर संजय मल्होत्रा अपनी पहली क्रेडिट पॉलिसी पेश करेंगे
RBI साल 2025 की अपनी पहली मॉनेटरी पॉलिसी आज यानी 7 फरवरी को पेश करेगा। यह RBI के नए गवर्नर संजय मल्होत्रा की भी पहली मॉनटेरी पॉलिसी होगी। इससे पहले दिसंबर में आरबीआई के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास ने मॉनेटरी पॉलिसी पेश की थी। इसके बाद वह रिटायर हो गए। अगर मल्होत्रा रेपो रेट में कमी करते हैं तो यह बीते पांच साल में रेपो रेट में पहली कमी होगी। ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि मल्होत्रा रेपो रेट में 0.25 फीसदी की कमी कर सकते हैं।
बीते 5 साल में नहीं घटाया है RBI ने इंटरेस्ट रेट
आरबीआई ने साल 2024 में इंटरेस्ट रेट में कमी नहीं की, जबकि अमेरिका में केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट घटाने के बाद इंडिया में रेट में कमी की उम्मीद थी। लेकिन, आरबीआई के पूर्व गवर्नर शक्तिकांत दास ने साफ कर दिया था कि वह इंडियन इकोनॉमी की जरूरत के हिसाब से इंटरेस्ट रेट के बारे में फैसला करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि उनका फोकस रिटेल इनफ्लेशन को काबू में करने पर है।
आरबीआई का फोकस महंगाई को कंट्रोल में करने पर रहा है
आरबीआई ने रिटेल इनफ्लेशन के लिए 4 फीसदी का टारगेट रखा है। पिछले कुछ महीनों में रिटेल इनफ्लेशन में कमी दिखी है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि आरबीआई 7 फरवरी को इंटरेस्ट रेट में कमी का ऐलान कर सकता है। इस साल एक से ज्यादा बार इंटरेस्ट रेट में कमी देखने को मिल सकती है। इससे इकोनॉमी की ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।